IT Act 63अध्याय X · The Appellate Tribunal
धारा 63 · अपराधों का समझौता।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी उल्लंघन का निपटारा, न्यायनिर्णय कार्यवाही शुरू होने से पहले या बाद में, नियंत्रक या उसके द्वारा इस संबंध में विशेष रूप से अधिकृत किसी अन्य अधिकारी या न्यायनिर्णय अधिकारी द्वारा, जैसा भी मामला हो, ऐसी शर्तों के अधीन किया जा सकता है, जिन्हें नियंत्रक या ऐसा अन्य अधिकारी या न्यायनिर्णय अधिकारी निर्दिष्ट कर सकता है:
बशर्ते कि ऐसी राशि किसी भी स्थिति में उस अधिकतम दंड राशि से अधिक नहीं होगी जो इस अधिनियम के तहत समझौते के तहत किए गए उल्लंघन के लिए लगाई जा सकती है।
(2) उपधारा (1) में कोई बात उस व्यक्ति पर लागू नहीं होगी जो उसके द्वारा किए गए पहले उल्लंघन के निपटारे की तारीख से तीन वर्ष की अवधि के भीतर वही या समान उल्लंघन करता है।
स्पष्टीकरण .-- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, किसी भी दूसरे या बाद के उल्लंघन को, जो उस तारीख से तीन वर्ष की अवधि की समाप्ति के बाद किया गया हो जिस तारीख को उल्लंघन का पूर्व समझौता किया गया था, पहला उल्लंघन माना जाएगा।
(3) जहाँ उपधारा (1) के अधीन किसी उल्लंघन का समझौता कर लिया गया हो, तो ऐसे उल्लंघन के लिए दोषी व्यक्ति के विरुद्ध समझौता किए गए उल्लंघन के संबंध में कोई कार्यवाही या आगे की कार्यवाही, जैसा भी मामला हो, नहीं की जाएगी।
बशर्ते कि ऐसी राशि किसी भी स्थिति में उस अधिकतम दंड राशि से अधिक नहीं होगी जो इस अधिनियम के तहत समझौते के तहत किए गए उल्लंघन के लिए लगाई जा सकती है।
(2) उपधारा (1) में कोई बात उस व्यक्ति पर लागू नहीं होगी जो उसके द्वारा किए गए पहले उल्लंघन के निपटारे की तारीख से तीन वर्ष की अवधि के भीतर वही या समान उल्लंघन करता है।
स्पष्टीकरण .-- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, किसी भी दूसरे या बाद के उल्लंघन को, जो उस तारीख से तीन वर्ष की अवधि की समाप्ति के बाद किया गया हो जिस तारीख को उल्लंघन का पूर्व समझौता किया गया था, पहला उल्लंघन माना जाएगा।
(3) जहाँ उपधारा (1) के अधीन किसी उल्लंघन का समझौता कर लिया गया हो, तो ऐसे उल्लंघन के लिए दोषी व्यक्ति के विरुद्ध समझौता किए गए उल्लंघन के संबंध में कोई कार्यवाही या आगे की कार्यवाही, जैसा भी मामला हो, नहीं की जाएगी।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 3 वर्ष
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
