Wages Code 63अध्याय IX · Miscellaneous
धारा 63 · कुछ मामलों में नियोक्ता को दायित्व से छूट दी जाती है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
यदि किसी नियोक्ता पर इस संहिता के अंतर्गत किसी अपराध का आरोप लगाया जाता है, तो उसे विधिवत शिकायत दर्ज कराने पर, किसी अन्य व्यक्ति को, जिस पर वह वास्तविक अपराधी होने का आरोप लगाता है, आरोप की सुनवाई के लिए निर्धारित समय पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने का अधिकार होगा; और यदि अपराध सिद्ध होने के बाद, नियोक्ता न्यायालय को संतुष्ट करने योग्य सिद्ध कर देता है--
(क) कि उसने इस संहिता के क्रियान्वयन को लागू करने में उचित सावधानी बरती है; और
(ख) यदि उक्त अन्य व्यक्ति ने उसके ज्ञान, सहमति या मिलीभगत के बिना प्रश्नगत अपराध किया है, तो वह अन्य व्यक्ति उस अपराध का दोषी ठहराया जाएगा और उसे उसी प्रकार की सजा दी जाएगी जैसे कि वह नियोक्ता होता और नियोक्ता ऐसे अपराध के संबंध में इस संहिता के तहत किसी भी दायित्व से मुक्त हो जाएगा।
बशर्ते कि उपर्युक्त प्रमाण प्रस्तुत करने के प्रयास में, नियोक्ता से शपथ पर पूछताछ की जा सकती है, और नियोक्ता या उसके गवाह (यदि कोई हो) के साक्ष्य पर नियोक्ता द्वारा वास्तविक अपराधी के रूप में आरोपित व्यक्ति और अभियोजन पक्ष द्वारा जिरह की जा सकती है।
(क) कि उसने इस संहिता के क्रियान्वयन को लागू करने में उचित सावधानी बरती है; और
(ख) यदि उक्त अन्य व्यक्ति ने उसके ज्ञान, सहमति या मिलीभगत के बिना प्रश्नगत अपराध किया है, तो वह अन्य व्यक्ति उस अपराध का दोषी ठहराया जाएगा और उसे उसी प्रकार की सजा दी जाएगी जैसे कि वह नियोक्ता होता और नियोक्ता ऐसे अपराध के संबंध में इस संहिता के तहत किसी भी दायित्व से मुक्त हो जाएगा।
बशर्ते कि उपर्युक्त प्रमाण प्रस्तुत करने के प्रयास में, नियोक्ता से शपथ पर पूछताछ की जा सकती है, और नियोक्ता या उसके गवाह (यदि कोई हो) के साक्ष्य पर नियोक्ता द्वारा वास्तविक अपराधी के रूप में आरोपित व्यक्ति और अभियोजन पक्ष द्वारा जिरह की जा सकती है।
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