Wages Code 35अध्याय IV · Payment of Bonus
धारा 35 · नियोक्ता द्वारा देय प्रत्यक्ष कर की गणना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस संहिता के प्रयोजनों के लिए, किसी लेखा वर्ष के लिए नियोक्ता द्वारा देय कोई भी प्रत्यक्ष कर, निम्नलिखित प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उस वर्ष के लिए नियोक्ता की आय पर लागू दरों पर परिकलित किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) ऐसे कर की गणना करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान नहीं रखा जाएगा,--
(i) नियोक्ता द्वारा किसी पूर्व लेखा वर्ष के संबंध में हुई कोई हानि और प्रत्यक्ष करों से संबंधित किसी भी कानून के तहत आगे ले जाई गई हानि;
(ii) मूल्यह्रास का कोई बकाया जिसे नियोक्ता आयकर अधिनियम की धारा 32 की उपधारा (2) के तहत किसी आगामी लेखा वर्ष या वर्षों के लिए मूल्यह्रास भत्ते की राशि में जोड़ने का हकदार है;
(ख) जहां नियोक्ता कोई धार्मिक या धर्मार्थ संस्था है जिस पर धारा 41 के प्रावधान लागू नहीं होते हैं और उसकी संपूर्ण या आंशिक आय आयकर अधिनियम के अंतर्गत कर से मुक्त है, तो ऐसी मुक्त आय के संबंध में, ऐसी संस्था को ऐसी कंपनी माना जाएगा जिसमें जनता का उस अधिनियम के अर्थ में पर्याप्त हित हो;
(ग) जहां नियोक्ता कोई व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार है, वहां आयकर अधिनियम के तहत ऐसे नियोक्ता द्वारा देय कर की गणना इस आधार पर की जाएगी कि प्रतिष्ठान से प्राप्त आय ही उसकी एकमात्र आय है;
(घ) यदि किसी नियोक्ता की आय में भारत से किसी माल या व्यापारिक वस्तु के निर्यात से प्राप्त लाभ और आय शामिल है और प्रत्यक्ष करों से संबंधित किसी कानून के तहत ऐसी आय पर कोई छूट दी जाती है, तो ऐसी छूट का हिसाब नहीं लिया जाएगा;
(ई) प्रत्यक्ष करों से संबंधित किसी भी कानून या प्रासंगिक वार्षिक वित्त अधिनियम के तहत किसी उद्योग के विकास के लिए अनुमत किसी भी प्रत्यक्ष कर के भुगतान में विकास छूट या निवेश भत्ता या विकास भत्ता या क्रेडिट या राहत या कटौती (जो इस धारा में पहले उल्लेखित नहीं है) के अलावा किसी अन्य छूट को ध्यान में नहीं रखा जाएगा।
(क) ऐसे कर की गणना करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान नहीं रखा जाएगा,--
(i) नियोक्ता द्वारा किसी पूर्व लेखा वर्ष के संबंध में हुई कोई हानि और प्रत्यक्ष करों से संबंधित किसी भी कानून के तहत आगे ले जाई गई हानि;
(ii) मूल्यह्रास का कोई बकाया जिसे नियोक्ता आयकर अधिनियम की धारा 32 की उपधारा (2) के तहत किसी आगामी लेखा वर्ष या वर्षों के लिए मूल्यह्रास भत्ते की राशि में जोड़ने का हकदार है;
(ख) जहां नियोक्ता कोई धार्मिक या धर्मार्थ संस्था है जिस पर धारा 41 के प्रावधान लागू नहीं होते हैं और उसकी संपूर्ण या आंशिक आय आयकर अधिनियम के अंतर्गत कर से मुक्त है, तो ऐसी मुक्त आय के संबंध में, ऐसी संस्था को ऐसी कंपनी माना जाएगा जिसमें जनता का उस अधिनियम के अर्थ में पर्याप्त हित हो;
(ग) जहां नियोक्ता कोई व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार है, वहां आयकर अधिनियम के तहत ऐसे नियोक्ता द्वारा देय कर की गणना इस आधार पर की जाएगी कि प्रतिष्ठान से प्राप्त आय ही उसकी एकमात्र आय है;
(घ) यदि किसी नियोक्ता की आय में भारत से किसी माल या व्यापारिक वस्तु के निर्यात से प्राप्त लाभ और आय शामिल है और प्रत्यक्ष करों से संबंधित किसी कानून के तहत ऐसी आय पर कोई छूट दी जाती है, तो ऐसी छूट का हिसाब नहीं लिया जाएगा;
(ई) प्रत्यक्ष करों से संबंधित किसी भी कानून या प्रासंगिक वार्षिक वित्त अधिनियम के तहत किसी उद्योग के विकास के लिए अनुमत किसी भी प्रत्यक्ष कर के भुगतान में विकास छूट या निवेश भत्ता या विकास भत्ता या क्रेडिट या राहत या कटौती (जो इस धारा में पहले उल्लेखित नहीं है) के अलावा किसी अन्य छूट को ध्यान में नहीं रखा जाएगा।
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