Wages Code 41अध्याय IV · Payment of Bonus
धारा 41 · इस अध्याय का लागू न होना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अध्याय की कोई बात निम्नलिखित पर लागू नहीं होगी--
(क) भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा नियोजित कर्मचारी;
(ख) व्यापारी जहाजरानी अधिनियम, 1958 (1958 का 44) की धारा 3 के खंड (42) में परिभाषित नाविक;
(ग) डॉक वर्कर्स (रोजगार विनियमन) अधिनियम, 1948 (1948 का 9) के तहत बनाई गई किसी योजना के तहत पंजीकृत या सूचीबद्ध कर्मचारी, और पंजीकृत या सूचीबद्ध नियोक्ताओं द्वारा नियोजित;
(घ) केंद्र सरकार या राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण के किसी विभाग के अधिकार क्षेत्र में स्थित किसी प्रतिष्ठान द्वारा नियोजित कर्मचारी;
(ई) कर्मचारियों द्वारा नियोजित--
(i) भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी या इसी प्रकार की कोई अन्य संस्था, जिसमें उसकी शाखाएँ भी शामिल हैं;
(ii) विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थान;
(iii) अस्पताल, वाणिज्य मंडल और सामाजिक कल्याण संस्थानों सहित संस्थाएं जो लाभ के उद्देश्य से स्थापित नहीं की गई हैं;
(f) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियोजित कर्मचारी;
(g) सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान में कार्यरत कर्मचारी, जो बैंकिंग कंपनी के अतिरिक्त हो, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है, निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखते हुए--
(i) इसकी पूंजी संरचना;
(ii) इसके उद्देश्य और इसकी गतिविधियों की प्रकृति;
(iii) सरकार द्वारा दी गई वित्तीय सहायता या किसी भी प्रकार की रियायत की प्रकृति और सीमा; और
(iv) कोई अन्य प्रासंगिक कारक;
(h) किसी अन्य देश से होकर गुजरने वाले मार्गों पर संचालित अंतर्देशीय जल परिवहन प्रतिष्ठानों द्वारा नियोजित कर्मचारी; और
(i) किसी अन्य प्रतिष्ठान के कर्मचारी जिन्हें उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा, ऐसे प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को उपलब्ध किसी अन्य लाभ-साझाकरण योजना के तहत समग्र लाभों को ध्यान में रखते हुए, छूट दे सकती है।
(2) उपधारा (1) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए और इस अध्याय के किसी अन्य प्रावधान में निहित किसी बात के बावजूद, इस अध्याय के प्रावधान ऐसे प्रतिष्ठान पर लागू होंगे जिसमें लेखा वर्ष के दौरान किसी भी दिन बीस या अधिक व्यक्ति नियोजित हों या नियोजित रहे हों।
(क) भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा नियोजित कर्मचारी;
(ख) व्यापारी जहाजरानी अधिनियम, 1958 (1958 का 44) की धारा 3 के खंड (42) में परिभाषित नाविक;
(ग) डॉक वर्कर्स (रोजगार विनियमन) अधिनियम, 1948 (1948 का 9) के तहत बनाई गई किसी योजना के तहत पंजीकृत या सूचीबद्ध कर्मचारी, और पंजीकृत या सूचीबद्ध नियोक्ताओं द्वारा नियोजित;
(घ) केंद्र सरकार या राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण के किसी विभाग के अधिकार क्षेत्र में स्थित किसी प्रतिष्ठान द्वारा नियोजित कर्मचारी;
(ई) कर्मचारियों द्वारा नियोजित--
(i) भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी या इसी प्रकार की कोई अन्य संस्था, जिसमें उसकी शाखाएँ भी शामिल हैं;
(ii) विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थान;
(iii) अस्पताल, वाणिज्य मंडल और सामाजिक कल्याण संस्थानों सहित संस्थाएं जो लाभ के उद्देश्य से स्थापित नहीं की गई हैं;
(f) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियोजित कर्मचारी;
(g) सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान में कार्यरत कर्मचारी, जो बैंकिंग कंपनी के अतिरिक्त हो, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है, निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखते हुए--
(i) इसकी पूंजी संरचना;
(ii) इसके उद्देश्य और इसकी गतिविधियों की प्रकृति;
(iii) सरकार द्वारा दी गई वित्तीय सहायता या किसी भी प्रकार की रियायत की प्रकृति और सीमा; और
(iv) कोई अन्य प्रासंगिक कारक;
(h) किसी अन्य देश से होकर गुजरने वाले मार्गों पर संचालित अंतर्देशीय जल परिवहन प्रतिष्ठानों द्वारा नियोजित कर्मचारी; और
(i) किसी अन्य प्रतिष्ठान के कर्मचारी जिन्हें उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा, ऐसे प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को उपलब्ध किसी अन्य लाभ-साझाकरण योजना के तहत समग्र लाभों को ध्यान में रखते हुए, छूट दे सकती है।
(2) उपधारा (1) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए और इस अध्याय के किसी अन्य प्रावधान में निहित किसी बात के बावजूद, इस अध्याय के प्रावधान ऐसे प्रतिष्ठान पर लागू होंगे जिसमें लेखा वर्ष के दौरान किसी भी दिन बीस या अधिक व्यक्ति नियोजित हों या नियोजित रहे हों।
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