PMLA 22अध्याय V · Summons, Searches and Seizures, etc
धारा 22 · कुछ मामलों में अभिलेखों या संपत्ति के संबंध में अनुमान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
( 1 ) जहाँ किसी सर्वेक्षण या तलाशी के दौरान किसी व्यक्ति के कब्जे या नियंत्रण में कोई अभिलेख या संपत्ति पाई जाती है [या जहाँ किसी व्यक्ति द्वारा कोई अभिलेख या संपत्ति प्रस्तुत की जाती है या किसी व्यक्ति की हिरासत या नियंत्रण से पुनः प्राप्त या जब्त की जाती है या इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत फ्रीज की गई है,] तो यह माना जाएगा कि--
(i) ऐसे अभिलेख या संपत्ति ऐसे व्यक्ति से संबंधित हैं या उससे संबंधित हैं;
(ii) ऐसे अभिलेखों की सामग्री सत्य है; और
(iii) ऐसे अभिलेखों पर हस्ताक्षर और अन्य सभी भाग, जो किसी विशेष व्यक्ति की लिखावट में प्रतीत होते हैं या जिनके बारे में यथोचित रूप से यह माना जा सकता है कि उन पर किसी विशेष व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं या वे किसी विशेष व्यक्ति की लिखावट में हैं, उस व्यक्ति की लिखावट में हैं, और यदि कोई अभिलेख मुहरबंद, निष्पादित या सत्यापित है, तो यह उस व्यक्ति द्वारा निष्पादित या सत्यापित किया गया है जिसके द्वारा इसे इस प्रकार मुहरबंद, निष्पादित या सत्यापित किया गया प्रतीत होता है।
(2) यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही के दौरान भारत के बाहर किसी स्थान से, ऐसे प्राधिकारी या व्यक्ति द्वारा और ऐसे तरीके से विधिवत प्रमाणित कोई अभिलेख प्राप्त हुए हों, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, तो विशेष न्यायालय, अपीलीय न्यायाधिकरण या निर्णय प्राधिकारी, जैसा भी मामला हो, निम्नलिखित कार्य करेगा:
(क) यह मान लिया जाए कि हस्ताक्षर और ऐसे अभिलेख का प्रत्येक अन्य भाग जो किसी विशेष व्यक्ति की लिखावट में प्रतीत होता है या जिसे न्यायालय यथोचित रूप से किसी विशेष व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित या उसकी लिखावट में होने का अनुमान लगा सकता है, उस व्यक्ति की लिखावट में है; और निष्पादित या सत्यापित अभिलेख के मामले में, यह मान लिया जाए कि इसे उसी व्यक्ति द्वारा निष्पादित या सत्यापित किया गया है जिसके द्वारा इसे निष्पादित या सत्यापित किए जाने का दावा किया जाता है;
(ख) दस्तावेज़ को साक्ष्य में स्वीकार किया जाएगा, भले ही उस पर विधिवत स्टाम्प न लगा हो, यदि ऐसा दस्तावेज़ अन्यथा साक्ष्य में स्वीकार्य हो।
(i) ऐसे अभिलेख या संपत्ति ऐसे व्यक्ति से संबंधित हैं या उससे संबंधित हैं;
(ii) ऐसे अभिलेखों की सामग्री सत्य है; और
(iii) ऐसे अभिलेखों पर हस्ताक्षर और अन्य सभी भाग, जो किसी विशेष व्यक्ति की लिखावट में प्रतीत होते हैं या जिनके बारे में यथोचित रूप से यह माना जा सकता है कि उन पर किसी विशेष व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं या वे किसी विशेष व्यक्ति की लिखावट में हैं, उस व्यक्ति की लिखावट में हैं, और यदि कोई अभिलेख मुहरबंद, निष्पादित या सत्यापित है, तो यह उस व्यक्ति द्वारा निष्पादित या सत्यापित किया गया है जिसके द्वारा इसे इस प्रकार मुहरबंद, निष्पादित या सत्यापित किया गया प्रतीत होता है।
(2) यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही के दौरान भारत के बाहर किसी स्थान से, ऐसे प्राधिकारी या व्यक्ति द्वारा और ऐसे तरीके से विधिवत प्रमाणित कोई अभिलेख प्राप्त हुए हों, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, तो विशेष न्यायालय, अपीलीय न्यायाधिकरण या निर्णय प्राधिकारी, जैसा भी मामला हो, निम्नलिखित कार्य करेगा:
(क) यह मान लिया जाए कि हस्ताक्षर और ऐसे अभिलेख का प्रत्येक अन्य भाग जो किसी विशेष व्यक्ति की लिखावट में प्रतीत होता है या जिसे न्यायालय यथोचित रूप से किसी विशेष व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित या उसकी लिखावट में होने का अनुमान लगा सकता है, उस व्यक्ति की लिखावट में है; और निष्पादित या सत्यापित अभिलेख के मामले में, यह मान लिया जाए कि इसे उसी व्यक्ति द्वारा निष्पादित या सत्यापित किया गया है जिसके द्वारा इसे निष्पादित या सत्यापित किए जाने का दावा किया जाता है;
(ख) दस्तावेज़ को साक्ष्य में स्वीकार किया जाएगा, भले ही उस पर विधिवत स्टाम्प न लगा हो, यदि ऐसा दस्तावेज़ अन्यथा साक्ष्य में स्वीकार्य हो।
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