PMLA 20अध्याय V · Summons, Searches and Seizures, etc
धारा 20 · संपत्ति का संरक्षण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [ 20. संपत्ति को रोके रखना। --(1) जहाँ कोई संपत्ति धारा 17 या धारा 18 के तहत जब्त की गई हो या धारा 17 की उपधारा (1ए) के तहत फ्रीज की गई हो और निदेशक द्वारा इस संबंध में अधिकृत अधिकारी को अपने कब्जे में मौजूद सामग्री के आधार पर यह विश्वास करने का कारण हो (ऐसे विश्वास का कारण उसके द्वारा लिखित में दर्ज किया जाएगा) कि ऐसी संपत्ति को धारा 8 के तहत निर्णय के प्रयोजनों के लिए रोके रखना आवश्यक है, तो ऐसी संपत्ति, यदि जब्त की गई हो, तो रोकी जा सकती है या यदि फ्रीज की गई हो, तो फ्रीज की हुई रह सकती है, उस दिन से एक सौ अस्सी दिनों से अधिक की अवधि के लिए जिस दिन ऐसी संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई थी, जैसा भी मामला हो।
(2) निदेशक द्वारा अधिकृत अधिकारी, धारा 8 के तहत न्यायनिर्णय के प्रयोजनों के लिए संपत्ति को रोके रखने या फ्रीजिंग जारी रखने का आदेश पारित करने के तुरंत बाद, उपधारा (1) में निर्दिष्ट सामग्री सहित आदेश की एक प्रति सीलबंद लिफाफे में न्यायनिर्णय प्राधिकारी को निर्धारित तरीके से भेजेगा और ऐसा न्यायनिर्णय प्राधिकारी ऐसे आदेश और सामग्री को निर्धारित अवधि तक अपने पास रखेगा।
(3) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति पर, संपत्ति उस व्यक्ति को लौटा दी जाएगी जिससे ऐसी संपत्ति जब्त की गई थी या जिसकी संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश दिया गया था, जब तक कि न्यायनिर्णय प्राधिकारी उक्त अवधि से आगे ऐसी संपत्ति को रोके रखने या फ्रीज जारी रखने की अनुमति न दे।
(4) न्यायनिर्णय प्राधिकारी, उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि से परे ऐसी संपत्ति को रोके रखने या फ्रीजिंग जारी रखने को अधिकृत करने से पहले, यह सुनिश्चित करेगा कि संपत्ति प्रथम दृष्टया धन शोधन में शामिल है और धारा 8 के तहत न्यायनिर्णय के प्रयोजनों के लिए संपत्ति की आवश्यकता है।
(5) धारा 8 की उपधारा (5) या उपधारा (7) के तहत ज़ब्ती का आदेश पारित करने के बाद, 2 [विशेष न्यायालय] धन शोधन में शामिल संपत्ति के अलावा अन्य सभी संपत्ति को उस व्यक्ति को या उसे प्राप्त करने के हकदार व्यक्तियों को मुक्त करने का निर्देश देगा।
(6) जहाँ किसी संपत्ति को मुक्त करने का आदेश धारा 8 की उपधारा (6) के तहत 3 [विशेष न्यायालय] द्वारा या धारा 58B या धारा 60 की उपधारा (2A) के तहत न्यायनिर्णय प्राधिकारी द्वारा दिया गया हो, तो निदेशक या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, ऐसे आदेश की प्राप्ति तिथि से नब्बे दिनों की अवधि के लिए ऐसी किसी संपत्ति को मुक्त करने से रोक सकता है, यदि उसकी राय में ऐसी संपत्ति इस अधिनियम के तहत अपील कार्यवाही के लिए प्रासंगिक हो।]
(2) निदेशक द्वारा अधिकृत अधिकारी, धारा 8 के तहत न्यायनिर्णय के प्रयोजनों के लिए संपत्ति को रोके रखने या फ्रीजिंग जारी रखने का आदेश पारित करने के तुरंत बाद, उपधारा (1) में निर्दिष्ट सामग्री सहित आदेश की एक प्रति सीलबंद लिफाफे में न्यायनिर्णय प्राधिकारी को निर्धारित तरीके से भेजेगा और ऐसा न्यायनिर्णय प्राधिकारी ऐसे आदेश और सामग्री को निर्धारित अवधि तक अपने पास रखेगा।
(3) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति पर, संपत्ति उस व्यक्ति को लौटा दी जाएगी जिससे ऐसी संपत्ति जब्त की गई थी या जिसकी संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश दिया गया था, जब तक कि न्यायनिर्णय प्राधिकारी उक्त अवधि से आगे ऐसी संपत्ति को रोके रखने या फ्रीज जारी रखने की अनुमति न दे।
(4) न्यायनिर्णय प्राधिकारी, उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि से परे ऐसी संपत्ति को रोके रखने या फ्रीजिंग जारी रखने को अधिकृत करने से पहले, यह सुनिश्चित करेगा कि संपत्ति प्रथम दृष्टया धन शोधन में शामिल है और धारा 8 के तहत न्यायनिर्णय के प्रयोजनों के लिए संपत्ति की आवश्यकता है।
(5) धारा 8 की उपधारा (5) या उपधारा (7) के तहत ज़ब्ती का आदेश पारित करने के बाद, 2 [विशेष न्यायालय] धन शोधन में शामिल संपत्ति के अलावा अन्य सभी संपत्ति को उस व्यक्ति को या उसे प्राप्त करने के हकदार व्यक्तियों को मुक्त करने का निर्देश देगा।
(6) जहाँ किसी संपत्ति को मुक्त करने का आदेश धारा 8 की उपधारा (6) के तहत 3 [विशेष न्यायालय] द्वारा या धारा 58B या धारा 60 की उपधारा (2A) के तहत न्यायनिर्णय प्राधिकारी द्वारा दिया गया हो, तो निदेशक या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, ऐसे आदेश की प्राप्ति तिथि से नब्बे दिनों की अवधि के लिए ऐसी किसी संपत्ति को मुक्त करने से रोक सकता है, यदि उसकी राय में ऐसी संपत्ति इस अधिनियम के तहत अपील कार्यवाही के लिए प्रासंगिक हो।]
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