SRFAESI Act 13अध्याय III · Enforcement of Security Interest
धारा 13 · सुरक्षा हितों का प्रवर्तन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम, 1882 (4 ऑफ 1882) की धारा 69 या धारा 69ए में किसी बात के होते हुए भी, किसी सुरक्षित लेनदार के पक्ष में सृजित किसी सुरक्षा हित को न्यायालय या न्यायाधिकरण के हस्तक्षेप के बिना, ऐसे लेनदार द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार लागू किया जा सकता है।
(2) यदि कोई उधारकर्ता, जो किसी सुरक्षा समझौते के तहत किसी सुरक्षित लेनदार के प्रति उत्तरदायी है, सुरक्षित ऋण या उसकी किसी किस्त के पुनर्भुगतान में चूक करता है, और सुरक्षित लेनदार द्वारा ऐसे ऋण के संबंध में उसके खाते को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, तो सुरक्षित लेनदार लिखित नोटिस द्वारा उधारकर्ता से नोटिस की तिथि से साठ दिनों के भीतर सुरक्षित लेनदार के प्रति अपने सभी दायित्वों का पूर्ण भुगतान करने की मांग कर सकता है, ऐसा न करने पर सुरक्षित लेनदार उप-धारा (4) के तहत सभी या किसी भी अधिकार का प्रयोग करने का हकदार होगा।
1 [बशर्ते कि--
(i) इस उपधारा के अंतर्गत सुरक्षित ऋण को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति के रूप में वर्गीकृत करने की आवश्यकता उस उधारकर्ता पर लागू नहीं होगी जिसने ऋण प्रतिभूतियों के निर्गमन के माध्यम से धन जुटाया है; और
(ii) चूक की स्थिति में, डिबेंचर ट्रस्टी इस धारा के तहत प्रदान किए गए तरीके से, आवश्यक संशोधनों के साथ और डिबेंचर ट्रस्टी के पक्ष में निष्पादित सुरक्षा दस्तावेजों की शर्तों और नियमों के अनुसार, सुरक्षा हित को लागू करने का हकदार होगा।]
(3) उपधारा (2) में निर्दिष्ट नोटिस में उधारकर्ता द्वारा देय राशि और उधारकर्ता द्वारा सुरक्षित ऋणों का भुगतान न करने की स्थिति में सुरक्षित लेनदार द्वारा लागू की जाने वाली सुरक्षित संपत्तियों का विवरण दिया जाएगा।
2 [(3ए) यदि उपधारा (2) के तहत नोटिस प्राप्त होने पर उधारकर्ता कोई अभ्यावेदन करता है या कोई आपत्ति उठाता है, तो सुरक्षित ऋणदाता ऐसे अभ्यावेदन या आपत्ति पर विचार करेगा और यदि सुरक्षित ऋणदाता इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि ऐसा अभ्यावेदन या आपत्ति स्वीकार्य या मान्य नहीं है, तो वह ऐसे अभ्यावेदन या आपत्ति की प्राप्ति के [ पंद्रह दिनों के भीतर] उधारकर्ता को अभ्यावेदन या आपत्ति की अस्वीकृति के कारण सूचित करेगा:
बशर्ते कि इस प्रकार सूचित किए गए कारण या कारणों को सूचित करने के चरण में सुरक्षित लेनदार की संभावित कार्रवाई, उधारकर्ता को धारा 17 के तहत ऋण वसूली न्यायाधिकरण या धारा 17ए के तहत जिला न्यायाधीश के न्यायालय में आवेदन करने का कोई अधिकार प्रदान नहीं करेगी।
(4) यदि उधारकर्ता उपधारा (2) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर अपने दायित्व का पूर्ण निर्वहन करने में विफल रहता है, तो सुरक्षित ऋणदाता अपने सुरक्षित ऋण की वसूली के लिए निम्नलिखित में से एक या अधिक उपाय अपना सकता है, अर्थात्:--
(क) उधारकर्ता की गिरवी रखी संपत्तियों पर कब्जा लेना, जिसमें गिरवी रखी संपत्ति को वसूलने के लिए पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण का अधिकार भी शामिल है;
4 [(ख) उधारकर्ता के व्यवसाय का प्रबंधन अपने हाथ में लेना, जिसमें सुरक्षित परिसंपत्ति को प्राप्त करने के लिए पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण का अधिकार शामिल है:
बशर्ते कि पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण का अधिकार केवल तभी प्रयोग किया जाएगा जब उधारकर्ता के व्यवसाय का पर्याप्त हिस्सा ऋण के लिए सुरक्षा के रूप में रखा गया हो:
इसके अलावा, यदि पूरे व्यवसाय या व्यवसाय के किसी भाग का प्रबंधन पृथक करने योग्य है, तो सुरक्षित लेनदार उधारकर्ता के ऐसे व्यवसाय का प्रबंधन अपने हाथ में ले लेगा जो ऋण की सुरक्षा से संबंधित है;]
(ग) किसी व्यक्ति को (जिसे इसके बाद प्रबंधक कहा जाएगा) नियुक्त करना, जो उन सुरक्षित परिसंपत्तियों का प्रबंधन करे जिनका कब्ज़ा सुरक्षित लेनदार द्वारा ले लिया गया है;
(घ) किसी भी समय लिखित नोटिस द्वारा, किसी भी व्यक्ति से, जिसने उधारकर्ता से कोई भी सुरक्षित संपत्ति प्राप्त की है और जिससे उधारकर्ता को कोई धन देय है या देय हो सकता है, सुरक्षित ऋणदाता को उतना धन चुकाने की मांग कर सकता है जितना सुरक्षित ऋण चुकाने के लिए पर्याप्त हो।
(5) उपधारा (4) के खंड (घ) में निर्दिष्ट किसी व्यक्ति द्वारा सुरक्षित लेनदार को किया गया कोई भी भुगतान ऐसे व्यक्ति को वैध मुक्ति प्रदान करेगा मानो उसने उधारकर्ता को भुगतान किया हो।
5 [(5ए) जहां किसी अचल संपत्ति की बिक्री, जिसके लिए आरक्षित मूल्य निर्दिष्ट किया गया है, ऐसे आरक्षित मूल्य से कम राशि की बोली न मिलने के कारण स्थगित कर दी गई है, तो सुरक्षित लेनदार के किसी अधिकारी के लिए, यदि सुरक्षित लेनदार द्वारा इस संबंध में अधिकृत किया गया हो, तो किसी भी बाद की बिक्री में सुरक्षित लेनदार की ओर से अचल संपत्ति के लिए बोली लगाना वैध होगा।
(5ख) जहां उपधारा (5क) में निर्दिष्ट सुरक्षित लेनदार को किसी बाद की बिक्री में अचल संपत्ति का क्रेता घोषित किया जाता है, तो खरीद मूल्य की राशि को सुरक्षित लेनदार के दावे की राशि में समायोजित किया जाएगा, जिसके लिए सुरक्षित लेनदार द्वारा धारा 13 की उपधारा (4) के तहत सुरक्षा हित के प्रवर्तन की नीलामी की जाती है।
(5सी) बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (10 ऑफ 1949) की धारा 9 के प्रावधान, जहां तक संभव हो, उपधारा (5ए) के तहत सुरक्षित लेनदार द्वारा अधिग्रहित अचल संपत्ति पर लागू होंगे।
(6) उपधारा (4) के तहत किसी सुरक्षित परिसंपत्ति पर कब्ज़ा करने या प्रबंधन अपने हाथ में लेने के बाद, सुरक्षित लेनदार द्वारा या सुरक्षित लेनदार की ओर से प्रबंधक द्वारा किए गए किसी भी हस्तांतरण से हस्तांतरित परिसंपत्ति में या उससे संबंधित सभी अधिकार हस्तांतरिती को प्राप्त हो जाएँगे, मानो हस्तांतरण ऐसी सुरक्षित परिसंपत्ति के स्वामी द्वारा किया गया हो।
(7) जहां उपधारा (4) के प्रावधानों के तहत किसी उधारकर्ता के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई है, वहां सभी लागतें, शुल्क और व्यय, जो सुरक्षित लेनदार की राय में उसके द्वारा उचित रूप से किए गए हों या उनसे संबंधित कोई भी व्यय, उधारकर्ता से वसूल किए जाएंगे और सुरक्षित लेनदार द्वारा प्राप्त धन, विपरीत अनुबंध के अभाव में, उसके द्वारा न्यास के रूप में रखा जाएगा, जिसका उपयोग प्रथम तो ऐसी लागतों, शुल्कों और व्ययों के भुगतान में और द्वितीय सुरक्षित लेनदार के बकाया के निर्वहन में किया जाएगा और इस प्रकार प्राप्त धन का शेष भाग उसके अधिकारों और हितों के अनुसार हकदार व्यक्ति को भुगतान किया जाएगा।
6 [(8) जहां सुरक्षित लेनदार की देय राशि, उसके द्वारा किए गए सभी खर्चों, प्रभारों और व्ययों सहित, सार्वजनिक नीलामी की सूचना प्रकाशित होने की तिथि से पहले या पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से सुरक्षित परिसंपत्तियों के हस्तांतरण के लिए सार्वजनिक या निजी संधि से उद्धरण या निविदा आमंत्रित करने की तिथि से पहले किसी भी समय सुरक्षित लेनदार को प्रस्तुत की जाती है,--
(i) सुरक्षित लेनदार द्वारा पट्टे पर दी गई संपत्तियों को हस्तांतरण या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरित नहीं किया जाएगा; और
(ii) यदि इस उपधारा के अंतर्गत ऐसी राशि प्रस्तुत करने से पहले सुरक्षित लेनदार द्वारा परिसंपत्तियों के पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण हेतु कोई कदम उठाया गया हो, तो ऐसे सुरक्षित लेनदार द्वारा ऐसी सुरक्षित परिसंपत्तियों के पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण हेतु कोई और कदम नहीं उठाया जाएगा।]
(9) 7 [दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 के प्रावधानों के अधीन रहते हुए,] एक से अधिक सुरक्षित लेनदारों द्वारा वित्तीय परिसंपत्ति के वित्तपोषण या सुरक्षित लेनदारों द्वारा वित्तीय परिसंपत्ति के संयुक्त वित्तपोषण के मामले में, कोई भी सुरक्षित लेनदार उप-धारा (4) के तहत या उसके अनुसार उसे प्रदत्त किसी भी या सभी अधिकारों का प्रयोग करने का हकदार नहीं होगा, जब तक कि ऐसे अधिकार के प्रयोग पर अभिलेख तिथि पर बकाया राशि के मूल्य के कम से कम 8 [साठ प्रतिशत] का प्रतिनिधित्व करने वाले सुरक्षित लेनदारों द्वारा सहमति न हो और ऐसी कार्रवाई सभी सुरक्षित लेनदारों पर बाध्यकारी होगी:
बशर्ते कि परिसमापन में किसी कंपनी के मामले में, सुरक्षित परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि का वितरण कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 529ए के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा:
इसके अलावा, यदि किसी कंपनी का परिसमापन इस अधिनियम के प्रारंभ होने के बाद किया जाता है, तो ऐसी कंपनी का वह सुरक्षित लेनदार, जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 529 की उपधारा (1) के परंतुक के तहत अपनी सुरक्षा को त्यागने और अपने ऋण को साबित करने के बजाय अपनी सुरक्षा को वसूल करने का विकल्प चुनता है, वह उस अधिनियम की धारा 529ए के प्रावधानों के अनुसार परिसमापक के पास कामगारों के बकाया को जमा करने के बाद अपनी सुरक्षित संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि को अपने पास रख सकता है।
इसके अलावा, द्वितीय परंतुक में निर्दिष्ट परिसमापक, कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 529ए के प्रावधानों के अनुसार सुरक्षित लेनदार को कामगारों के देय की सूचना देगा, और यदि ऐसे कामगारों के देय का निर्धारण नहीं किया जा सकता है, तो परिसमापक उस धारा के तहत कामगारों के देय की अनुमानित राशि सुरक्षित लेनदार को सूचित करेगा, और ऐसी स्थिति में सुरक्षित लेनदार अनुमानित देय राशि को परिसमापक के पास जमा करने के बाद सुरक्षित परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि को अपने पास रख सकता है।
इसके अलावा, यदि सुरक्षित लेनदार कामगारों के बकाया की अनुमानित राशि जमा करता है, तो ऐसा लेनदार कामगारों के बकाया की शेष राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा या सुरक्षित लेनदार द्वारा परिसमापक के पास जमा की गई अतिरिक्त राशि (यदि कोई हो) प्राप्त करने का हकदार होगा।
इसके अलावा, यदि कोई बकाया राशि हो तो सुरक्षित लेनदार परिसमापक को भुगतान करने का वचन देगा।
स्पष्टीकरण ।--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए,--
(क) "रिकॉर्ड तिथि" से तात्पर्य उस तिथि से है जिस पर उस तिथि को बकाया राशि के मूल्य के कम से कम 8 [साठ प्रतिशत] का प्रतिनिधित्व करने वाले सुरक्षित लेनदारों द्वारा सहमति व्यक्त की गई हो;
(ख) "बकाया राशि" में मूलधन, ब्याज और सुरक्षित लेनदार के बही-खातों के अनुसार सुरक्षित परिसंपत्ति के संबंध में उधारकर्ता द्वारा सुरक्षित लेनदार को देय कोई अन्य देय राशि शामिल होगी।
(10) जहां सुरक्षित लेनदार के बकाया का भुगतान सुरक्षित परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि से पूरी तरह से नहीं हो पाता है, वहां सुरक्षित लेनदार निर्धारित प्रपत्र और तरीके से क्षेत्राधिकार रखने वाले ऋण वसूली न्यायाधिकरण या सक्षम न्यायालय, जैसा भी मामला हो, में उधारकर्ता से शेष राशि की वसूली के लिए आवेदन दाखिल कर सकता है।
(11) इस धारा के अधीन या इसके द्वारा सुरक्षित लेनदार को प्रदत्त अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, सुरक्षित लेनदार इस अधिनियम के अधीन सुरक्षित परिसंपत्तियों के संबंध में उपधारा (4) के खंड (क) से (घ) में निर्दिष्ट उपायों में से कोई भी उपाय किए बिना जमानतदारों के विरुद्ध कार्यवाही करने या गिरवी रखी परिसंपत्तियों को बेचने का हकदार होगा।
(12) इस अधिनियम के अधीन किसी सुरक्षित लेनदार के अधिकारों का प्रयोग उसके एक या एक से अधिक अधिकृत अधिकारियों द्वारा ऐसे तरीके से किया जा सकता है जैसा कि निर्धारित किया जा सके।
(13) उपधारा (2) में निर्दिष्ट सूचना प्राप्त होने के बाद कोई भी उधारकर्ता, सुरक्षित लेनदार की पूर्व लिखित सहमति के बिना, बिक्री, पट्टे या अन्य किसी भी तरीके से (अपने व्यवसाय के सामान्य क्रम के अलावा) सूचना में निर्दिष्ट अपनी किसी भी सुरक्षित संपत्ति को हस्तांतरित नहीं करेगा।
राज्य संशोधन
जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश)।--
धारा 13 का संशोधन.-- उपधारा (3ए) में, उसके परंतुक में, "या धारा 17ए के अधीन जिला न्यायाधीश का न्यायालय" को हटा दिया जाए।
[ आदेश संख्या 3807(ई) दिनांक 26 अक्टूबर, 2020, जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का अनुकूलन) तृतीय आदेश, 2020 (26-10-2020 से प्रभावी ) और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का अनुकूलन) आदेश, 2020, अधिसूचना संख्या एसओ 3774(ई), दिनांक (23-10-2020) के अनुसार।]
(2) यदि कोई उधारकर्ता, जो किसी सुरक्षा समझौते के तहत किसी सुरक्षित लेनदार के प्रति उत्तरदायी है, सुरक्षित ऋण या उसकी किसी किस्त के पुनर्भुगतान में चूक करता है, और सुरक्षित लेनदार द्वारा ऐसे ऋण के संबंध में उसके खाते को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, तो सुरक्षित लेनदार लिखित नोटिस द्वारा उधारकर्ता से नोटिस की तिथि से साठ दिनों के भीतर सुरक्षित लेनदार के प्रति अपने सभी दायित्वों का पूर्ण भुगतान करने की मांग कर सकता है, ऐसा न करने पर सुरक्षित लेनदार उप-धारा (4) के तहत सभी या किसी भी अधिकार का प्रयोग करने का हकदार होगा।
1 [बशर्ते कि--
(i) इस उपधारा के अंतर्गत सुरक्षित ऋण को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति के रूप में वर्गीकृत करने की आवश्यकता उस उधारकर्ता पर लागू नहीं होगी जिसने ऋण प्रतिभूतियों के निर्गमन के माध्यम से धन जुटाया है; और
(ii) चूक की स्थिति में, डिबेंचर ट्रस्टी इस धारा के तहत प्रदान किए गए तरीके से, आवश्यक संशोधनों के साथ और डिबेंचर ट्रस्टी के पक्ष में निष्पादित सुरक्षा दस्तावेजों की शर्तों और नियमों के अनुसार, सुरक्षा हित को लागू करने का हकदार होगा।]
(3) उपधारा (2) में निर्दिष्ट नोटिस में उधारकर्ता द्वारा देय राशि और उधारकर्ता द्वारा सुरक्षित ऋणों का भुगतान न करने की स्थिति में सुरक्षित लेनदार द्वारा लागू की जाने वाली सुरक्षित संपत्तियों का विवरण दिया जाएगा।
2 [(3ए) यदि उपधारा (2) के तहत नोटिस प्राप्त होने पर उधारकर्ता कोई अभ्यावेदन करता है या कोई आपत्ति उठाता है, तो सुरक्षित ऋणदाता ऐसे अभ्यावेदन या आपत्ति पर विचार करेगा और यदि सुरक्षित ऋणदाता इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि ऐसा अभ्यावेदन या आपत्ति स्वीकार्य या मान्य नहीं है, तो वह ऐसे अभ्यावेदन या आपत्ति की प्राप्ति के [ पंद्रह दिनों के भीतर] उधारकर्ता को अभ्यावेदन या आपत्ति की अस्वीकृति के कारण सूचित करेगा:
बशर्ते कि इस प्रकार सूचित किए गए कारण या कारणों को सूचित करने के चरण में सुरक्षित लेनदार की संभावित कार्रवाई, उधारकर्ता को धारा 17 के तहत ऋण वसूली न्यायाधिकरण या धारा 17ए के तहत जिला न्यायाधीश के न्यायालय में आवेदन करने का कोई अधिकार प्रदान नहीं करेगी।
(4) यदि उधारकर्ता उपधारा (2) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर अपने दायित्व का पूर्ण निर्वहन करने में विफल रहता है, तो सुरक्षित ऋणदाता अपने सुरक्षित ऋण की वसूली के लिए निम्नलिखित में से एक या अधिक उपाय अपना सकता है, अर्थात्:--
(क) उधारकर्ता की गिरवी रखी संपत्तियों पर कब्जा लेना, जिसमें गिरवी रखी संपत्ति को वसूलने के लिए पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण का अधिकार भी शामिल है;
4 [(ख) उधारकर्ता के व्यवसाय का प्रबंधन अपने हाथ में लेना, जिसमें सुरक्षित परिसंपत्ति को प्राप्त करने के लिए पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण का अधिकार शामिल है:
बशर्ते कि पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण का अधिकार केवल तभी प्रयोग किया जाएगा जब उधारकर्ता के व्यवसाय का पर्याप्त हिस्सा ऋण के लिए सुरक्षा के रूप में रखा गया हो:
इसके अलावा, यदि पूरे व्यवसाय या व्यवसाय के किसी भाग का प्रबंधन पृथक करने योग्य है, तो सुरक्षित लेनदार उधारकर्ता के ऐसे व्यवसाय का प्रबंधन अपने हाथ में ले लेगा जो ऋण की सुरक्षा से संबंधित है;]
(ग) किसी व्यक्ति को (जिसे इसके बाद प्रबंधक कहा जाएगा) नियुक्त करना, जो उन सुरक्षित परिसंपत्तियों का प्रबंधन करे जिनका कब्ज़ा सुरक्षित लेनदार द्वारा ले लिया गया है;
(घ) किसी भी समय लिखित नोटिस द्वारा, किसी भी व्यक्ति से, जिसने उधारकर्ता से कोई भी सुरक्षित संपत्ति प्राप्त की है और जिससे उधारकर्ता को कोई धन देय है या देय हो सकता है, सुरक्षित ऋणदाता को उतना धन चुकाने की मांग कर सकता है जितना सुरक्षित ऋण चुकाने के लिए पर्याप्त हो।
(5) उपधारा (4) के खंड (घ) में निर्दिष्ट किसी व्यक्ति द्वारा सुरक्षित लेनदार को किया गया कोई भी भुगतान ऐसे व्यक्ति को वैध मुक्ति प्रदान करेगा मानो उसने उधारकर्ता को भुगतान किया हो।
5 [(5ए) जहां किसी अचल संपत्ति की बिक्री, जिसके लिए आरक्षित मूल्य निर्दिष्ट किया गया है, ऐसे आरक्षित मूल्य से कम राशि की बोली न मिलने के कारण स्थगित कर दी गई है, तो सुरक्षित लेनदार के किसी अधिकारी के लिए, यदि सुरक्षित लेनदार द्वारा इस संबंध में अधिकृत किया गया हो, तो किसी भी बाद की बिक्री में सुरक्षित लेनदार की ओर से अचल संपत्ति के लिए बोली लगाना वैध होगा।
(5ख) जहां उपधारा (5क) में निर्दिष्ट सुरक्षित लेनदार को किसी बाद की बिक्री में अचल संपत्ति का क्रेता घोषित किया जाता है, तो खरीद मूल्य की राशि को सुरक्षित लेनदार के दावे की राशि में समायोजित किया जाएगा, जिसके लिए सुरक्षित लेनदार द्वारा धारा 13 की उपधारा (4) के तहत सुरक्षा हित के प्रवर्तन की नीलामी की जाती है।
(5सी) बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (10 ऑफ 1949) की धारा 9 के प्रावधान, जहां तक संभव हो, उपधारा (5ए) के तहत सुरक्षित लेनदार द्वारा अधिग्रहित अचल संपत्ति पर लागू होंगे।
(6) उपधारा (4) के तहत किसी सुरक्षित परिसंपत्ति पर कब्ज़ा करने या प्रबंधन अपने हाथ में लेने के बाद, सुरक्षित लेनदार द्वारा या सुरक्षित लेनदार की ओर से प्रबंधक द्वारा किए गए किसी भी हस्तांतरण से हस्तांतरित परिसंपत्ति में या उससे संबंधित सभी अधिकार हस्तांतरिती को प्राप्त हो जाएँगे, मानो हस्तांतरण ऐसी सुरक्षित परिसंपत्ति के स्वामी द्वारा किया गया हो।
(7) जहां उपधारा (4) के प्रावधानों के तहत किसी उधारकर्ता के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई है, वहां सभी लागतें, शुल्क और व्यय, जो सुरक्षित लेनदार की राय में उसके द्वारा उचित रूप से किए गए हों या उनसे संबंधित कोई भी व्यय, उधारकर्ता से वसूल किए जाएंगे और सुरक्षित लेनदार द्वारा प्राप्त धन, विपरीत अनुबंध के अभाव में, उसके द्वारा न्यास के रूप में रखा जाएगा, जिसका उपयोग प्रथम तो ऐसी लागतों, शुल्कों और व्ययों के भुगतान में और द्वितीय सुरक्षित लेनदार के बकाया के निर्वहन में किया जाएगा और इस प्रकार प्राप्त धन का शेष भाग उसके अधिकारों और हितों के अनुसार हकदार व्यक्ति को भुगतान किया जाएगा।
6 [(8) जहां सुरक्षित लेनदार की देय राशि, उसके द्वारा किए गए सभी खर्चों, प्रभारों और व्ययों सहित, सार्वजनिक नीलामी की सूचना प्रकाशित होने की तिथि से पहले या पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से सुरक्षित परिसंपत्तियों के हस्तांतरण के लिए सार्वजनिक या निजी संधि से उद्धरण या निविदा आमंत्रित करने की तिथि से पहले किसी भी समय सुरक्षित लेनदार को प्रस्तुत की जाती है,--
(i) सुरक्षित लेनदार द्वारा पट्टे पर दी गई संपत्तियों को हस्तांतरण या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरित नहीं किया जाएगा; और
(ii) यदि इस उपधारा के अंतर्गत ऐसी राशि प्रस्तुत करने से पहले सुरक्षित लेनदार द्वारा परिसंपत्तियों के पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण हेतु कोई कदम उठाया गया हो, तो ऐसे सुरक्षित लेनदार द्वारा ऐसी सुरक्षित परिसंपत्तियों के पट्टे, आवंटन या बिक्री के माध्यम से हस्तांतरण हेतु कोई और कदम नहीं उठाया जाएगा।]
(9) 7 [दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 के प्रावधानों के अधीन रहते हुए,] एक से अधिक सुरक्षित लेनदारों द्वारा वित्तीय परिसंपत्ति के वित्तपोषण या सुरक्षित लेनदारों द्वारा वित्तीय परिसंपत्ति के संयुक्त वित्तपोषण के मामले में, कोई भी सुरक्षित लेनदार उप-धारा (4) के तहत या उसके अनुसार उसे प्रदत्त किसी भी या सभी अधिकारों का प्रयोग करने का हकदार नहीं होगा, जब तक कि ऐसे अधिकार के प्रयोग पर अभिलेख तिथि पर बकाया राशि के मूल्य के कम से कम 8 [साठ प्रतिशत] का प्रतिनिधित्व करने वाले सुरक्षित लेनदारों द्वारा सहमति न हो और ऐसी कार्रवाई सभी सुरक्षित लेनदारों पर बाध्यकारी होगी:
बशर्ते कि परिसमापन में किसी कंपनी के मामले में, सुरक्षित परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि का वितरण कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 529ए के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा:
इसके अलावा, यदि किसी कंपनी का परिसमापन इस अधिनियम के प्रारंभ होने के बाद किया जाता है, तो ऐसी कंपनी का वह सुरक्षित लेनदार, जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 529 की उपधारा (1) के परंतुक के तहत अपनी सुरक्षा को त्यागने और अपने ऋण को साबित करने के बजाय अपनी सुरक्षा को वसूल करने का विकल्प चुनता है, वह उस अधिनियम की धारा 529ए के प्रावधानों के अनुसार परिसमापक के पास कामगारों के बकाया को जमा करने के बाद अपनी सुरक्षित संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि को अपने पास रख सकता है।
इसके अलावा, द्वितीय परंतुक में निर्दिष्ट परिसमापक, कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 529ए के प्रावधानों के अनुसार सुरक्षित लेनदार को कामगारों के देय की सूचना देगा, और यदि ऐसे कामगारों के देय का निर्धारण नहीं किया जा सकता है, तो परिसमापक उस धारा के तहत कामगारों के देय की अनुमानित राशि सुरक्षित लेनदार को सूचित करेगा, और ऐसी स्थिति में सुरक्षित लेनदार अनुमानित देय राशि को परिसमापक के पास जमा करने के बाद सुरक्षित परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि को अपने पास रख सकता है।
इसके अलावा, यदि सुरक्षित लेनदार कामगारों के बकाया की अनुमानित राशि जमा करता है, तो ऐसा लेनदार कामगारों के बकाया की शेष राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा या सुरक्षित लेनदार द्वारा परिसमापक के पास जमा की गई अतिरिक्त राशि (यदि कोई हो) प्राप्त करने का हकदार होगा।
इसके अलावा, यदि कोई बकाया राशि हो तो सुरक्षित लेनदार परिसमापक को भुगतान करने का वचन देगा।
स्पष्टीकरण ।--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए,--
(क) "रिकॉर्ड तिथि" से तात्पर्य उस तिथि से है जिस पर उस तिथि को बकाया राशि के मूल्य के कम से कम 8 [साठ प्रतिशत] का प्रतिनिधित्व करने वाले सुरक्षित लेनदारों द्वारा सहमति व्यक्त की गई हो;
(ख) "बकाया राशि" में मूलधन, ब्याज और सुरक्षित लेनदार के बही-खातों के अनुसार सुरक्षित परिसंपत्ति के संबंध में उधारकर्ता द्वारा सुरक्षित लेनदार को देय कोई अन्य देय राशि शामिल होगी।
(10) जहां सुरक्षित लेनदार के बकाया का भुगतान सुरक्षित परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि से पूरी तरह से नहीं हो पाता है, वहां सुरक्षित लेनदार निर्धारित प्रपत्र और तरीके से क्षेत्राधिकार रखने वाले ऋण वसूली न्यायाधिकरण या सक्षम न्यायालय, जैसा भी मामला हो, में उधारकर्ता से शेष राशि की वसूली के लिए आवेदन दाखिल कर सकता है।
(11) इस धारा के अधीन या इसके द्वारा सुरक्षित लेनदार को प्रदत्त अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, सुरक्षित लेनदार इस अधिनियम के अधीन सुरक्षित परिसंपत्तियों के संबंध में उपधारा (4) के खंड (क) से (घ) में निर्दिष्ट उपायों में से कोई भी उपाय किए बिना जमानतदारों के विरुद्ध कार्यवाही करने या गिरवी रखी परिसंपत्तियों को बेचने का हकदार होगा।
(12) इस अधिनियम के अधीन किसी सुरक्षित लेनदार के अधिकारों का प्रयोग उसके एक या एक से अधिक अधिकृत अधिकारियों द्वारा ऐसे तरीके से किया जा सकता है जैसा कि निर्धारित किया जा सके।
(13) उपधारा (2) में निर्दिष्ट सूचना प्राप्त होने के बाद कोई भी उधारकर्ता, सुरक्षित लेनदार की पूर्व लिखित सहमति के बिना, बिक्री, पट्टे या अन्य किसी भी तरीके से (अपने व्यवसाय के सामान्य क्रम के अलावा) सूचना में निर्दिष्ट अपनी किसी भी सुरक्षित संपत्ति को हस्तांतरित नहीं करेगा।
राज्य संशोधन
जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश)।--
धारा 13 का संशोधन.-- उपधारा (3ए) में, उसके परंतुक में, "या धारा 17ए के अधीन जिला न्यायाधीश का न्यायालय" को हटा दिया जाए।
[ आदेश संख्या 3807(ई) दिनांक 26 अक्टूबर, 2020, जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का अनुकूलन) तृतीय आदेश, 2020 (26-10-2020 से प्रभावी ) और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का अनुकूलन) आदेश, 2020, अधिसूचना संख्या एसओ 3774(ई), दिनांक (23-10-2020) के अनुसार।]
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

