NBARD Act 21अध्याय VI · Credit Functions of the National Bank
धारा 21 · उत्पादन और विपणन का श्रेय।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राष्ट्रीय बैंक पुनर्वित्त के माध्यम से, मांग पर या अठारह माह से अधिक की निश्चित अवधि की समाप्ति पर चुकाए जाने वाले ऋण और अग्रिम प्रदान कर सकता है, [राज्य सहकारी बैंकों, केंद्रीय सहकारी बैंकों], क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, या किसी वित्तीय संस्था या वित्तीय संस्थाओं के किसी वर्ग को, जिन्हें इस संबंध में रिजर्व बैंक द्वारा अनुमोदित किया गया है, वित्तपोषण के लिए--
(i) कृषि संबंधी कार्य या फसलों का विपणन, या
(ii) कृषि या ग्रामीण विकास के लिए आवश्यक इनपुट का विपणन और वितरण, या
(iii) कृषि या ग्रामीण विकास के क्षेत्र में संवर्धन हेतु कोई अन्य गतिविधि, या
(iv) वास्तविक वाणिज्यिक या व्यापारिक लेनदेन, या
(v) कारीगरों या 2 [ग्राम एवं कुटीर उद्योगों, सूक्ष्म उद्यमों, लघु उद्यमों एवं मध्यम उद्यमों या हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य ग्रामीण शिल्पों के क्षेत्र में कार्यरत लोगों] की उत्पादन या विपणन गतिविधियाँ।
(2) राष्ट्रीय बैंक उपधारा (1) के अधीन ऋण एवं अग्रिम निम्नलिखित की प्रतिभूति के बदले दे सकता है--
(i) अचल संपत्ति के अलावा अन्य स्टॉक, फंड और प्रतिभूतियां, जिनमें किसी न्यासी को उस समय लागू किसी कानून द्वारा न्यासी धन का निवेश करने के लिए अधिकृत किया गया है;
(ii) माल के स्वामित्व दस्तावेजों द्वारा समर्थित वचन पत्र, ऐसे दस्तावेज जो उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भी उद्देश्य के लिए दिए गए ऋण या अग्रिम के लिए सुरक्षा के रूप में उधार देने वाली संस्था को हस्तांतरित, सौंपे या गिरवी रखे गए हों:
बशर्ते कि राष्ट्रीय बैंक, जब भी वह ऐसा करना आवश्यक समझे, ऋण लेने वाली संस्था से लिखित घोषणा स्वीकार कर सकता है,
(क) यह बताते हुए कि उसके पास माल के स्वामित्व से संबंधित ऐसे दस्तावेज हैं जो घोषणा में उल्लिखित हैं; और
(ख) जिसमें राष्ट्रीय बैंक द्वारा अपेक्षित अन्य विवरण भी शामिल हों।
(3) उपधारा (2) में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रीय बैंक अपने विवेक से ऋण या अग्रिम प्रदान कर सकता है--
(क) 3 [किसी राज्य सहकारी बैंक या केंद्रीय सहकारी बैंक को] यदि ऋण या अग्रिम की मूलधन और ब्याज की चुकौती की पूरी गारंटी सरकार द्वारा दी जाती है;
(ख) किसी राज्य सहकारी बैंक को, जो एक अनुसूचित बैंक है, यदि ऋण या अग्रिम केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा निष्पादित और राज्य सहकारी बैंक के पक्ष में हस्तांतरित विनिमय बिल या वचन पत्र द्वारा सुरक्षित है।
(4) उपधारा (2) और (3) में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रीय बैंक किसी राज्य सहकारी बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या उपधारा (1) के अधीन अनुमोदित संस्था के वचनपत्रों के विरुद्ध मांग पर या अठारह माह से अधिक की निश्चित अवधि की समाप्ति पर चुकाने योग्य ऋण और अग्रिम भी दे सकता है।
बशर्ते कि उधार लेने वाली संस्था लिखित में एक घोषणा प्रस्तुत करे, जिसमें उन उद्देश्यों का उल्लेख हो जिनके लिए उसने ऋण और अग्रिम दिए हैं और ऐसे अन्य विवरण भी हों जो राष्ट्रीय बैंक द्वारा अपेक्षित हों।
(i) कृषि संबंधी कार्य या फसलों का विपणन, या
(ii) कृषि या ग्रामीण विकास के लिए आवश्यक इनपुट का विपणन और वितरण, या
(iii) कृषि या ग्रामीण विकास के क्षेत्र में संवर्धन हेतु कोई अन्य गतिविधि, या
(iv) वास्तविक वाणिज्यिक या व्यापारिक लेनदेन, या
(v) कारीगरों या 2 [ग्राम एवं कुटीर उद्योगों, सूक्ष्म उद्यमों, लघु उद्यमों एवं मध्यम उद्यमों या हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य ग्रामीण शिल्पों के क्षेत्र में कार्यरत लोगों] की उत्पादन या विपणन गतिविधियाँ।
(2) राष्ट्रीय बैंक उपधारा (1) के अधीन ऋण एवं अग्रिम निम्नलिखित की प्रतिभूति के बदले दे सकता है--
(i) अचल संपत्ति के अलावा अन्य स्टॉक, फंड और प्रतिभूतियां, जिनमें किसी न्यासी को उस समय लागू किसी कानून द्वारा न्यासी धन का निवेश करने के लिए अधिकृत किया गया है;
(ii) माल के स्वामित्व दस्तावेजों द्वारा समर्थित वचन पत्र, ऐसे दस्तावेज जो उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भी उद्देश्य के लिए दिए गए ऋण या अग्रिम के लिए सुरक्षा के रूप में उधार देने वाली संस्था को हस्तांतरित, सौंपे या गिरवी रखे गए हों:
बशर्ते कि राष्ट्रीय बैंक, जब भी वह ऐसा करना आवश्यक समझे, ऋण लेने वाली संस्था से लिखित घोषणा स्वीकार कर सकता है,
(क) यह बताते हुए कि उसके पास माल के स्वामित्व से संबंधित ऐसे दस्तावेज हैं जो घोषणा में उल्लिखित हैं; और
(ख) जिसमें राष्ट्रीय बैंक द्वारा अपेक्षित अन्य विवरण भी शामिल हों।
(3) उपधारा (2) में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रीय बैंक अपने विवेक से ऋण या अग्रिम प्रदान कर सकता है--
(क) 3 [किसी राज्य सहकारी बैंक या केंद्रीय सहकारी बैंक को] यदि ऋण या अग्रिम की मूलधन और ब्याज की चुकौती की पूरी गारंटी सरकार द्वारा दी जाती है;
(ख) किसी राज्य सहकारी बैंक को, जो एक अनुसूचित बैंक है, यदि ऋण या अग्रिम केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा निष्पादित और राज्य सहकारी बैंक के पक्ष में हस्तांतरित विनिमय बिल या वचन पत्र द्वारा सुरक्षित है।
(4) उपधारा (2) और (3) में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रीय बैंक किसी राज्य सहकारी बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या उपधारा (1) के अधीन अनुमोदित संस्था के वचनपत्रों के विरुद्ध मांग पर या अठारह माह से अधिक की निश्चित अवधि की समाप्ति पर चुकाने योग्य ऋण और अग्रिम भी दे सकता है।
बशर्ते कि उधार लेने वाली संस्था लिखित में एक घोषणा प्रस्तुत करे, जिसमें उन उद्देश्यों का उल्लेख हो जिनके लिए उसने ऋण और अग्रिम दिए हैं और ऐसे अन्य विवरण भी हों जो राष्ट्रीय बैंक द्वारा अपेक्षित हों।
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