IV Act 104अध्याय XVIII · Miscellaneous
धारा 104 · अपराधों की संरचना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) में किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के तहत दंडनीय कोई भी अपराध, जो केवल कारावास या कारावास एवं जुर्माने से दंडनीय न हो, अभियुक्त व्यक्ति के आवेदन पर, किसी भी अभियोग के आरंभ से पहले या बाद में, सक्षम प्राधिकारी द्वारा समझौता किया जा सकता है, या यदि मामला सक्षम क्षेत्राधिकार के न्यायालय को भेजा जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा ऐसे अपराध का समझौता ऐसे न्यायालय की अनुमति से किया जा सकता है।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट सक्षम प्राधिकारी, उपयुक्त सरकार के निर्देशन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अधीन रहते हुए, अपराध का समझौता करने की शक्तियों का प्रयोग करेगा।
(3) किसी अपराध के समझौते के लिए प्रत्येक आवेदन ऐसे तरीके से किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(4) जहाँ किसी अभियोग की शुरुआत से पहले किसी अपराध का समझौता हो जाता है, तो उस अपराध के संबंध में उस अपराधी के विरुद्ध कोई अभियोग नहीं चलाया जाएगा जिसके संबंध में अपराध का समझौता हुआ है।
(5) जहाँ किसी अभियोग के अभियोग के आरंभ में किसी अपराध का समझौता किया जाता है, तो उपधारा (1) में निर्दिष्ट सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिखित रूप में उस न्यायालय को सूचित किया जाएगा जिसमें अभियोग लंबित है और अपराध के समझौते की सूचना दिए जाने पर, जिस व्यक्ति के विरुद्ध अपराध का समझौता किया गया है, उसे बरी कर दिया जाएगा।
(6) कोई भी व्यक्ति जो उपधारा (1) में निर्दिष्ट सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिए गए आदेश का पालन करने में विफल रहता है, वह ऐसे जुर्माने के अतिरिक्त, अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम जुर्माने के बीस प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(7) इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कोई भी अपराध इस धारा के प्रावधानों के अनुसार और उनके अधीन समझौता किए बिना निपटाया नहीं जाएगा।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट सक्षम प्राधिकारी, उपयुक्त सरकार के निर्देशन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अधीन रहते हुए, अपराध का समझौता करने की शक्तियों का प्रयोग करेगा।
(3) किसी अपराध के समझौते के लिए प्रत्येक आवेदन ऐसे तरीके से किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(4) जहाँ किसी अभियोग की शुरुआत से पहले किसी अपराध का समझौता हो जाता है, तो उस अपराध के संबंध में उस अपराधी के विरुद्ध कोई अभियोग नहीं चलाया जाएगा जिसके संबंध में अपराध का समझौता हुआ है।
(5) जहाँ किसी अभियोग के अभियोग के आरंभ में किसी अपराध का समझौता किया जाता है, तो उपधारा (1) में निर्दिष्ट सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिखित रूप में उस न्यायालय को सूचित किया जाएगा जिसमें अभियोग लंबित है और अपराध के समझौते की सूचना दिए जाने पर, जिस व्यक्ति के विरुद्ध अपराध का समझौता किया गया है, उसे बरी कर दिया जाएगा।
(6) कोई भी व्यक्ति जो उपधारा (1) में निर्दिष्ट सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिए गए आदेश का पालन करने में विफल रहता है, वह ऐसे जुर्माने के अतिरिक्त, अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम जुर्माने के बीस प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(7) इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कोई भी अपराध इस धारा के प्रावधानों के अनुसार और उनके अधीन समझौता किए बिना निपटाया नहीं जाएगा।
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