CTU Act 9
धारा 9 · कुलाधिपति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
अध्यक्ष विश्वविद्यालय का कुलाधिपति होगा और आगंतुक की अनुपस्थिति में कुलाधिपति विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेगा।(2)
कुलाधिपति शासी निकाय के अध्यक्ष होंगे और वे विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों की सभी नियुक्तियों, नामांकनों, निष्कासनों, निलंबनों और पुनर्स्थापनों को स्वतः संज्ञान से या विश्वविद्यालय के संबंधित प्राधिकारी की सिफारिश पर अनुमोदित करेंगे।(3)
कुलाधिपति विश्वविद्यालय के किसी प्राधिकारी या अधिकारी द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय में संशोधन या उसे निरस्त कर सकता है और विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन को सुगम बनाने के लिए स्वतः संज्ञान से या अन्यथा अपनी शक्तियों का प्रयोग कर सकता है।(4)
कुलाधिपति को विश्वविद्यालय के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक अन्य सभी कार्य करने का अधिकार होगा तथा उससे संबंधित कोई भी मामला भी हल करेगा और कुलाधिपति द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम होगा तथा विश्वविद्यालय के सभी संबंधितों पर बाध्यकारी होगा।(5)
यदि कुलाधिपति की राय में विश्वविद्यालय के किसी अधिकारी या प्राधिकारी का कोई निर्णय इस अधिनियम या क़ानूनों या अध्यादेशों या विनियमों के तहत प्रदत्त शक्ति से परे है या विश्वविद्यालय के हितों के लिए हानिकारक होने की संभावना है, तो वह ऐसे अधिकारी या प्राधिकारी से पंद्रह दिनों की अवधि के भीतर अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए कहेंगे और यदि अधिकारी या प्राधिकारी ऐसे निर्णय पर पूर्णतः या आंशिक रूप से पुनर्विचार करने से इनकार करता है या पंद्रह दिनों की अवधि के भीतर कोई निर्णय लेने में विफल रहता है, तो कुलाधिपति का निर्णय अंतिम होगा।(6)
यदि किसी भी समय, प्रस्तुत अभ्यावेदन के आधार पर या अन्यथा, कुलाधिपति को यह प्रतीत होता है कि कुलपति या विश्वविद्यालय के किसी अन्य अधिकारी ने -(क)
इस अधिनियम के तहत या अन्यथा उस पर लगाए गए किसी कर्तव्य के पालन में चूक की हो; या(ख)
विश्वविद्यालय के हितों के प्रतिकूल तरीके से कार्य किया हो; या(ग)
विश्वविद्यालय के मामलों का प्रबंधन करने में असमर्थ है।इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

