CTU Act 5
धारा 5 · विश्वविद्यालय की शक्तियां और कार्य
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
विश्वविद्यालय को अपने अधिकारियों और प्राधिकारियों के माध्यम से निम्नलिखित शक्तियां और कार्य करने का अधिकार होगा, अर्थात्:
(i)
अध्ययन पाठ्यक्रम शुरू करने, अध्यापन, प्रशिक्षण, अनुसंधान, परामर्श और पाठ्यक्रमों से संबंधित संबद्धता प्रदान करने के संबंध में सभी प्रावधान करना और उपाय अपनाना (पाठ्यक्रमों को अपनाना और अद्यतन करना सहित) पारंपरिक और साथ ही ऑनलाइन शिक्षा विधियों सहित नए नवाचारी तरीकों के माध्यम से;(ii)
डॉक्टरेट, मास्टर्स, डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाण पत्र प्रदान करने या देने के लिए परीक्षाएं आयोजित करना;(iii)
विश्वविद्यालय द्वारा अपने परिसर या संस्थानों में आवश्यकतानुसार प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर या कोई अन्य समकक्ष पदनाम स्थापित करना और प्रदान करना तथा ऐसे व्यक्तियों को नियुक्त करना;(iv)
फेलोशिप, छात्रवृत्ति, स्टूडेंटशिप, प्रदर्शनियों की स्थापना और उन्हें प्रदान करना, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;(v)
भारत में किसी अन्य मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, बोर्ड या परिषद या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी से अपने पाठ्यक्रम को आंशिक या पूर्ण रूप से पूरा करने वाले छात्रों की डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाण पत्रों की समतुल्यता प्रदान करना;(vi)
अन्य विश्वविद्यालयों के साथ पारस्परिक आधार पर दोहरी डिग्री, डिप्लोमा या प्रमाण पत्र प्रदान करना;(vii)
परिसर के भीतर केंद्रीय पुस्तकालय, विभागीय पुस्तकालय, संग्रहालय और संबद्ध सामग्री स्थापित करना;(viii)
निर्धारित शुल्क और अन्य प्रभारों की मांग करना और उन्हें वसूल करना;(ix)
सोसायटी की निधियों और विश्वविद्यालय के पक्ष में सृजित बंदोबस्तियों को धारण करना, प्रबंधित करना और चलाना;(x)
निर्धारित अनुसार मानद उपाधियाँ स्थापित करना और प्रदान करना;(xi)
अकादमिक उत्कृष्टता के कार्यों को मुद्रित और प्रकाशित करना तथा उत्कृष्टता की पीठों की स्थापना करना;(xii)
समाज के शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों में शैक्षिक सुविधाओं के प्रसार के लिए विशेष उपाय करना;(xiii)
खेलों को प्रोत्साहित करना और बढ़ावा देना;(xiv)
तकनीकी, प्रशासनिक, मंत्रिस्तरीय और अन्य आवश्यक पदों का सृजन करना और उन पर नियुक्तियाँ करना;(xv)
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अन्य केंद्रीय या राज्य एजेंसियों से अनुदान प्राप्त करना;(xvi)
विश्वविद्यालय के लिए ऋण और अग्रिम प्राप्त करना और जुटाना;(xvii)
कृषि, उद्योग और व्यवसाय के संबंध में पारस्परिक रूप से स्वीकार्य शर्तों और नियमों पर अनुसंधान परियोजनाएं शुरू करना;(xviii)
परामर्श सेवाएं प्रदान करना;(xix)
विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के व्यक्तित्व विकास के लिए पाठ्येतर गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और बढ़ावा देना;(xx)
किसी अचल या चल संपत्ति को खरीदना, प्राप्त करना और पट्टे पर लेना या गिरवी रखना तथा विश्वविद्यालय से संबंधित या विश्वविद्यालय में निहित किसी अचल या चल संपत्ति को बेचना, पट्टे पर देना, गिरवी रखना, हस्तांतरित करना और स्थानांतरित करना;(xxi)
छात्रों की विभिन्न श्रेणियों के लिए शुल्क संरचना निर्धारित करना;(xxii)
पारस्परिक रूप से स्वीकार्य शर्तों और नियमों पर अन्य संस्थानों के साथ सहयोग की तलाश करना;(xxiii)
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्दिष्ट मानदंडों के अनुसार विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन, पारिश्रमिक और मानदेय निर्धारित करना, तय करना और प्रदान करना;(xxiv)
स्व-प्रमाणन करना, जिसके लिए राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा स्थापित किसी अन्य निकाय से किसी भी अनुमति, अनुमोदन, लाइसेंस, प्रमाण पत्र, अनापत्ति प्रमाण पत्र या प्राधिकरण प्राप्त करने से छूट दी जाएगी;(xxv)
विश्वविद्यालय के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए क़ानून, अध्यादेश और नियम बनाना; और(xxvi)
विश्वविद्यालय के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक या वांछनीय अन्य सभी कार्यों का निष्पादन करना।इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

