DPDP Act 37अध्याय IX · Miscellaneous
धारा 37 · निर्देश जारी करने की केंद्रीय सरकार की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार या इस संबंध में उसके द्वारा विशेष रूप से अधिकृत कोई अधिकारी, बोर्ड से लिखित में यह अनुरोध प्राप्त होने पर कि---
(क) दो या अधिक मामलों में बोर्ड द्वारा डेटा फिड्यूशरी पर मौद्रिक दंड लगाने का संकेत देता है; और
(ख) आम जनता के हित में, भारत के क्षेत्र के भीतर डेटा प्रिंसिपल को वस्तुओं या सेवाओं की पेशकश से संबंधित किसी भी गतिविधि को अंजाम देने में सक्षम बनाने वाले किसी भी कंप्यूटर संसाधन में उत्पन्न, प्रेषित, प्राप्त, संग्रहीत या होस्ट की गई किसी भी जानकारी तक जनता की पहुंच को अवरुद्ध करने की सलाह देता है।
उस डेटा फिड्यूशरी को सुनवाई का अवसर देने के बाद, यदि वह संतुष्ट हो जाता है कि आम जनता के हित में ऐसा करना आवश्यक या उचित है, तो लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, आदेश द्वारा, केंद्र सरकार की किसी भी एजेंसी या किसी मध्यस्थ को निर्देश दे सकता है कि वह जनता द्वारा ऐसी किसी भी जानकारी तक पहुंच को अवरुद्ध करे या जनता द्वारा पहुंच को अवरुद्ध करवाए।
(2) उपधारा (1) के तहत जारी निर्देश प्राप्त करने वाला प्रत्येक मध्यस्थ उसका अनुपालन करने के लिए बाध्य होगा।
(3) इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "कंप्यूटर संसाधन", "सूचना" और "मध्यस्थ" शब्दों का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (21 ऑफ 2000) में उन्हें दिया गया है।
(क) दो या अधिक मामलों में बोर्ड द्वारा डेटा फिड्यूशरी पर मौद्रिक दंड लगाने का संकेत देता है; और
(ख) आम जनता के हित में, भारत के क्षेत्र के भीतर डेटा प्रिंसिपल को वस्तुओं या सेवाओं की पेशकश से संबंधित किसी भी गतिविधि को अंजाम देने में सक्षम बनाने वाले किसी भी कंप्यूटर संसाधन में उत्पन्न, प्रेषित, प्राप्त, संग्रहीत या होस्ट की गई किसी भी जानकारी तक जनता की पहुंच को अवरुद्ध करने की सलाह देता है।
उस डेटा फिड्यूशरी को सुनवाई का अवसर देने के बाद, यदि वह संतुष्ट हो जाता है कि आम जनता के हित में ऐसा करना आवश्यक या उचित है, तो लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, आदेश द्वारा, केंद्र सरकार की किसी भी एजेंसी या किसी मध्यस्थ को निर्देश दे सकता है कि वह जनता द्वारा ऐसी किसी भी जानकारी तक पहुंच को अवरुद्ध करे या जनता द्वारा पहुंच को अवरुद्ध करवाए।
(2) उपधारा (1) के तहत जारी निर्देश प्राप्त करने वाला प्रत्येक मध्यस्थ उसका अनुपालन करने के लिए बाध्य होगा।
(3) इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "कंप्यूटर संसाधन", "सूचना" और "मध्यस्थ" शब्दों का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (21 ऑफ 2000) में उन्हें दिया गया है।
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