TAA Act 5
धारा 5 · विशेष न्यायालयों के न्यायाधीशों की संरचना और नियुक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) विशेष न्यायालय की अध्यक्षता केंद्रीय सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से नियुक्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी।
(2) केंद्र सरकार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से विशेष न्यायालय में अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने के लिए अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति भी कर सकती है।
(3) कोई व्यक्ति किसी विशेष न्यायालय के न्यायाधीश या अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा जब तक कि वह ऐसी नियुक्ति से ठीक पहले किसी राज्य में सत्र न्यायाधीश या अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न हो।
(4) संदेह दूर करने के लिए, यह प्रावधान किया जाता है कि किसी विशेष न्यायालय के न्यायाधीश या अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त व्यक्ति द्वारा, उस सेवा में लागू नियमों के अनुसार सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त कर लेने से, न्यायाधीश या अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उसके बने रहने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(5) जहाँ किसी विशेष न्यायालय में कोई अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है, तो विशेष न्यायालय का न्यायाधीश समय-समय पर सामान्य या विशेष लिखित आदेश द्वारा अपने और अतिरिक्त न्यायाधीश या अतिरिक्त न्यायाधीशों के बीच विशेष न्यायालय के कार्य के वितरण तथा अपनी अनुपस्थिति या किसी अतिरिक्त न्यायाधीश की अनुपस्थिति की स्थिति में तत्काल कार्य के निपटान का प्रावधान कर सकता है।
(2) केंद्र सरकार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से विशेष न्यायालय में अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने के लिए अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति भी कर सकती है।
(3) कोई व्यक्ति किसी विशेष न्यायालय के न्यायाधीश या अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा जब तक कि वह ऐसी नियुक्ति से ठीक पहले किसी राज्य में सत्र न्यायाधीश या अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न हो।
(4) संदेह दूर करने के लिए, यह प्रावधान किया जाता है कि किसी विशेष न्यायालय के न्यायाधीश या अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त व्यक्ति द्वारा, उस सेवा में लागू नियमों के अनुसार सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त कर लेने से, न्यायाधीश या अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उसके बने रहने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(5) जहाँ किसी विशेष न्यायालय में कोई अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है, तो विशेष न्यायालय का न्यायाधीश समय-समय पर सामान्य या विशेष लिखित आदेश द्वारा अपने और अतिरिक्त न्यायाधीश या अतिरिक्त न्यायाधीशों के बीच विशेष न्यायालय के कार्य के वितरण तथा अपनी अनुपस्थिति या किसी अतिरिक्त न्यायाधीश की अनुपस्थिति की स्थिति में तत्काल कार्य के निपटान का प्रावधान कर सकता है।
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