TAA Act 4
धारा 4 · विशेष न्यायालयों की स्थापना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी न्यायिक क्षेत्र में किए गए अनुसूचित अपराधों के शीघ्र निपटारे के लिए, केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा ऐसे न्यायिक क्षेत्र के संबंध में एक विशेष न्यायालय की स्थापना कर सकती है—
(क) ऐसे न्यायिक क्षेत्र के भीतर; या
(ख) यदि केंद्र सरकार ऐसे न्यायिक क्षेत्र में स्थिति की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना उचित समझे, तो ऐसे न्यायिक क्षेत्र के बाहर लेकिन उस राज्य के भीतर किसी स्थान पर जिसमें ऐसा न्यायिक क्षेत्र स्थित है।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी राज्य में प्रचलित स्थिति की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार की यह राय हो कि राज्य में किसी न्यायिक क्षेत्र या दो या अधिक न्यायिक क्षेत्रों के संबंध में, राज्य के बाहर एक अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित करना उचित है, ताकि उन अनुसूचित अपराधों का परीक्षण किया जा सके जो उस न्यायिक क्षेत्र या उन न्यायिक क्षेत्रों में किए गए हों, जिनका परीक्षण राज्य के भीतर किया जाना है—
(क) निष्पक्ष या तटस्थ होने या अत्यंत शीघ्रता से पूर्ण होने की संभावना नहीं है; या
(ख) यदि ऐसा करने से शांति भंग हो या अभियुक्त, गवाहों, लोक अभियोजक और न्यायाधीश या उनमें से किसी की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो, तो यह संभव नहीं होगा; या
(ग) अन्यथा न्याय के हित में नहीं है,
राज्य सरकार, केंद्र सरकार से ऐसे न्यायिक क्षेत्र या न्यायिक क्षेत्रों के संबंध में राज्य के बाहर एक अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित करने का अनुरोध कर सकती है, और इसके बाद केंद्र सरकार, राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी को ध्यान में रखते हुए और ऐसी जांच (यदि आवश्यक हो) करने के बाद, अधिसूचना द्वारा, राज्य के बाहर ऐसे स्थान पर ऐसे अतिरिक्त विशेष न्यायालय की स्थापना कर सकती है, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया गया हो।
(क) ऐसे न्यायिक क्षेत्र के भीतर; या
(ख) यदि केंद्र सरकार ऐसे न्यायिक क्षेत्र में स्थिति की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना उचित समझे, तो ऐसे न्यायिक क्षेत्र के बाहर लेकिन उस राज्य के भीतर किसी स्थान पर जिसमें ऐसा न्यायिक क्षेत्र स्थित है।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी राज्य में प्रचलित स्थिति की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार की यह राय हो कि राज्य में किसी न्यायिक क्षेत्र या दो या अधिक न्यायिक क्षेत्रों के संबंध में, राज्य के बाहर एक अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित करना उचित है, ताकि उन अनुसूचित अपराधों का परीक्षण किया जा सके जो उस न्यायिक क्षेत्र या उन न्यायिक क्षेत्रों में किए गए हों, जिनका परीक्षण राज्य के भीतर किया जाना है—
(क) निष्पक्ष या तटस्थ होने या अत्यंत शीघ्रता से पूर्ण होने की संभावना नहीं है; या
(ख) यदि ऐसा करने से शांति भंग हो या अभियुक्त, गवाहों, लोक अभियोजक और न्यायाधीश या उनमें से किसी की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो, तो यह संभव नहीं होगा; या
(ग) अन्यथा न्याय के हित में नहीं है,
राज्य सरकार, केंद्र सरकार से ऐसे न्यायिक क्षेत्र या न्यायिक क्षेत्रों के संबंध में राज्य के बाहर एक अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित करने का अनुरोध कर सकती है, और इसके बाद केंद्र सरकार, राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी को ध्यान में रखते हुए और ऐसी जांच (यदि आवश्यक हो) करने के बाद, अधिसूचना द्वारा, राज्य के बाहर ऐसे स्थान पर ऐसे अतिरिक्त विशेष न्यायालय की स्थापना कर सकती है, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया गया हो।
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