NDMC Act 385अध्याय XX · Legal proceedings
धारा 385 · मुकदमों की सूचना दी जाएगी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए किसी नियम, विनियम या उपनियम के अनुसरण में किए गए या किए जाने वाले किसी कार्य के संबंध में परिषद या अध्यक्ष या किसी नगर अधिकारी या अन्य नगर कर्मचारी या अध्यक्ष या किसी नगर अधिकारी या अन्य नगर कर्मचारी के आदेश या निर्देश के अधीन कार्य करने वाले किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई वाद तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि नगर कार्यालय में लिखित सूचना दिए जाने के दो महीने बाद की अवधि समाप्त न हो जाए, और ऐसे अधिकारी, कर्मचारी या व्यक्ति के मामले में, जब तक कि उसे उसके कार्यालय या निवास स्थान पर भी लिखित सूचना न दी गई हो, और जब तक कि ऐसी सूचना में स्पष्ट रूप से वाद का कारण, मांगी गई राहत की प्रकृति, दावा की गई क्षतिपूर्ति की राशि और इच्छुक वादी का नाम और निवास स्थान न बताया गया हो, और जब तक कि वादपत्र में यह उल्लेख न हो कि ऐसी सूचना दी गई है या पहुंचाई गई है।
(2) उपधारा (1) में वर्णित कोई भी वाद, अचल संपत्ति की वसूली या उसके स्वामित्व की घोषणा के लिए वाद न होने पर, वाद के कारण उत्पन्न होने की तिथि से छह माह की समाप्ति के बाद दायर नहीं किया जाएगा।
(3) उपधारा (1) में कोई बात ऐसे मुकदमे पर लागू नहीं मानी जाएगी जिसमें मांगी गई एकमात्र राहत निषेधाज्ञा है जिसका उद्देश्य नोटिस देने या मुकदमे की शुरुआत को स्थगित करने से विफल हो जाएगा।
(2) उपधारा (1) में वर्णित कोई भी वाद, अचल संपत्ति की वसूली या उसके स्वामित्व की घोषणा के लिए वाद न होने पर, वाद के कारण उत्पन्न होने की तिथि से छह माह की समाप्ति के बाद दायर नहीं किया जाएगा।
(3) उपधारा (1) में कोई बात ऐसे मुकदमे पर लागू नहीं मानी जाएगी जिसमें मांगी गई एकमात्र राहत निषेधाज्ञा है जिसका उद्देश्य नोटिस देने या मुकदमे की शुरुआत को स्थगित करने से विफल हो जाएगा।
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