HUP Act 9अध्याय IV · High Courts
धारा 9 · इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का विस्तार और कार्यवाही का स्थानांतरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इसके बाद दिए गए प्रावधानों के अलावा
(क) इलाहाबाद उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार, निर्धारित तिथि से, इस अधिनियम द्वारा हरियाणा राज्य से उत्तर प्रदेश राज्य को हस्तांतरित किए गए क्षेत्रों तक विस्तारित होगा; और
(ख) उस दिन से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को उक्त क्षेत्रों के संबंध में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं होगा।
(2) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में निर्धारित दिन से ठीक पहले लंबित ऐसी कार्यवाही, जिसे उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा, वाद के कारण की उत्पत्ति के स्थान और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा सुनवाई और निर्णय के योग्य कार्यवाही प्रमाणित किया गया हो, ऐसी प्रमाणन के बाद यथाशीघ्र इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दी जाएगी।
(3) उपधारा (1) और (2) में किसी बात के होते हुए भी, परंतु इसके बाद दिए गए प्रावधानों के अलावा, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को अपीलों, सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने की अनुमति हेतु आवेदनों, समीक्षा आवेदनों और अन्य कार्यवाहियों पर विचार करने, सुनने या उनका निपटारा करने का अधिकार होगा, जबकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय को यह अधिकार नहीं होगा, जहां ऐसी कोई भी कार्यवाही पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित तिथि से पहले पारित किसी आदेश के संबंध में कोई राहत मांगती हो।
बशर्ते कि यदि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा ऐसी कार्यवाही पर विचार किए जाने के बाद, उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को यह प्रतीत होता है कि उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, तो वे इस प्रकार स्थानांतरण का आदेश देंगे और तदनुसार ऐसी कार्यवाही स्थानांतरित कर दी जाएगी।
(4) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा पारित कोई भी आदेश
(क) उपधारा (2) के आधार पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किसी भी कार्यवाही में निर्धारित दिन से पहले; या
(ख) किसी भी कार्यवाही में जिसके संबंध में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय उपधारा (3) के आधार पर क्षेत्राधिकार बनाए रखता है,
यह आदेश सभी प्रयोजनों के लिए न केवल पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के रूप में, बल्कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के रूप में भी प्रभावी होगा।
(5) इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए किसी नियम या दिए गए निर्देश के अधीन रहते हुए, ऐसा कोई भी व्यक्ति जो नियुक्ति तिथि से ठीक पहले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत करने का हकदार अधिवक्ता हो, जैसा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा हरियाणा राज्य से उत्तर प्रदेश राज्य को क्षेत्रों के हस्तांतरण को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में निर्दिष्ट किया जा सकता है, उसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वकालत करने का हकदार अधिवक्ता के रूप में मान्यता दी जाएगी।
(क) इलाहाबाद उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार, निर्धारित तिथि से, इस अधिनियम द्वारा हरियाणा राज्य से उत्तर प्रदेश राज्य को हस्तांतरित किए गए क्षेत्रों तक विस्तारित होगा; और
(ख) उस दिन से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को उक्त क्षेत्रों के संबंध में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं होगा।
(2) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में निर्धारित दिन से ठीक पहले लंबित ऐसी कार्यवाही, जिसे उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा, वाद के कारण की उत्पत्ति के स्थान और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा सुनवाई और निर्णय के योग्य कार्यवाही प्रमाणित किया गया हो, ऐसी प्रमाणन के बाद यथाशीघ्र इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दी जाएगी।
(3) उपधारा (1) और (2) में किसी बात के होते हुए भी, परंतु इसके बाद दिए गए प्रावधानों के अलावा, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को अपीलों, सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने की अनुमति हेतु आवेदनों, समीक्षा आवेदनों और अन्य कार्यवाहियों पर विचार करने, सुनने या उनका निपटारा करने का अधिकार होगा, जबकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय को यह अधिकार नहीं होगा, जहां ऐसी कोई भी कार्यवाही पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित तिथि से पहले पारित किसी आदेश के संबंध में कोई राहत मांगती हो।
बशर्ते कि यदि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा ऐसी कार्यवाही पर विचार किए जाने के बाद, उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को यह प्रतीत होता है कि उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, तो वे इस प्रकार स्थानांतरण का आदेश देंगे और तदनुसार ऐसी कार्यवाही स्थानांतरित कर दी जाएगी।
(4) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा पारित कोई भी आदेश
(क) उपधारा (2) के आधार पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किसी भी कार्यवाही में निर्धारित दिन से पहले; या
(ख) किसी भी कार्यवाही में जिसके संबंध में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय उपधारा (3) के आधार पर क्षेत्राधिकार बनाए रखता है,
यह आदेश सभी प्रयोजनों के लिए न केवल पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के रूप में, बल्कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के रूप में भी प्रभावी होगा।
(5) इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए किसी नियम या दिए गए निर्देश के अधीन रहते हुए, ऐसा कोई भी व्यक्ति जो नियुक्ति तिथि से ठीक पहले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत करने का हकदार अधिवक्ता हो, जैसा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा हरियाणा राज्य से उत्तर प्रदेश राज्य को क्षेत्रों के हस्तांतरण को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में निर्दिष्ट किया जा सकता है, उसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वकालत करने का हकदार अधिवक्ता के रूप में मान्यता दी जाएगी।
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