Copyright Act 35अध्याय VII · Copyright Societies
धारा 35 · प्रतिलिप्यधिकार सोसाइटी पर रचयिता और अधिकार के अन्य स्वामियों द्वारा नियंत्रण
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक प्रतिलिप्यधिकार सोसाइटी, इस अधिनियम के अधीन उन 1रचयिता और अधिकार के अन्य स्वामियों के सामूहिक नियंत्रण के अधीन होगी, जिनके अधिकार वह प्रशासित करती है जो इस अधिनियम के अधीन ऐसे 1रचयिता और अधिकार के अन्य स्वामी नहीं हैं जो धारा 34 की उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट किसी विदेशी सोसाइटी या संगठन द्वारा प्रशासित किए जाते हैंट और ऐसी रीति से जो विहित की जाए, -
(क) फीस के संग्रहण और वितरण की अपनी प्रक्रिया के लिए ऐसे 1रचयिता और अधिकार के अन्य स्वामियों का अनुमोदन प्राप्त करेगी;
(ख) फीस के रूप में संगृहीत किन्हीं रकमों का, 1रचयिता और अधिकार के अन्य स्वामियों को वितरण करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिए, उपयोजन करने के बारे में उनका अनुमोदन प्राप्त करेगी; और
(ग) ऐसे स्वामियों को उनके अधिकारों के प्रशासन के संबंध में अपने सभी क्रियाकलापों से संबंधित नियमित, पूर्ण और विस्तृत जानकारी देगा ।
(2) 1रचयिता और अधिकार के अन्य स्वामियों में वितरित सभी फीसें, जहां तक हो सके, उनकी कृतियों के वास्तविक उपयोग के अनुपात में वितरित की जाएंगी ।
(3) प्रत्येक प्रतिलिप्यधिकार सोसाइटी का एक शासी निकाय होगा जिसमें सोसाइटी के प्रशासन के प्रयोजन के लिए कृति रचयिताओं और स्वामियों की बराबर संख्या से मिलकर बनी सोसाइटी के सदस्यों में से चुने गए उतने व्यक्ति होंगे, जितने विनिर्दिष्ट किए जाएं ।
(4) प्रतिलिप्यधिकार सोसाइटी के सभी सदस्यों को बराबर सदस्यता अधिकार प्राप्त होंगे और स्वामिस्वों के वितरण में रचयिताओं और अधिकारों के स्वामियों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा ।
(क) फीस के संग्रहण और वितरण की अपनी प्रक्रिया के लिए ऐसे 1रचयिता और अधिकार के अन्य स्वामियों का अनुमोदन प्राप्त करेगी;
(ख) फीस के रूप में संगृहीत किन्हीं रकमों का, 1रचयिता और अधिकार के अन्य स्वामियों को वितरण करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिए, उपयोजन करने के बारे में उनका अनुमोदन प्राप्त करेगी; और
(ग) ऐसे स्वामियों को उनके अधिकारों के प्रशासन के संबंध में अपने सभी क्रियाकलापों से संबंधित नियमित, पूर्ण और विस्तृत जानकारी देगा ।
(2) 1रचयिता और अधिकार के अन्य स्वामियों में वितरित सभी फीसें, जहां तक हो सके, उनकी कृतियों के वास्तविक उपयोग के अनुपात में वितरित की जाएंगी ।
(3) प्रत्येक प्रतिलिप्यधिकार सोसाइटी का एक शासी निकाय होगा जिसमें सोसाइटी के प्रशासन के प्रयोजन के लिए कृति रचयिताओं और स्वामियों की बराबर संख्या से मिलकर बनी सोसाइटी के सदस्यों में से चुने गए उतने व्यक्ति होंगे, जितने विनिर्दिष्ट किए जाएं ।
(4) प्रतिलिप्यधिकार सोसाइटी के सभी सदस्यों को बराबर सदस्यता अधिकार प्राप्त होंगे और स्वामिस्वों के वितरण में रचयिताओं और अधिकारों के स्वामियों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा ।
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