OMMC Rules 2अध्याय 0 · Preliminary
धारा 2 · परिभाषाएं
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
परिभाषाएँ।
(1)
इन नियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-(क)
"अधिनियम" से तात्पर्य खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 से है;(ख)
"नीलामी" से तात्पर्य किसी क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित शर्तों और नियमों के अधीन उच्चतम बोलीदाता के पक्ष में लघु खनिज स्रोत की नीलामी बिक्री से है, जिसमें इन नियमों के तहत प्राधिकारी द्वारा निर्धारित शर्तों और नियमों के अधीन निर्दिष्ट मात्रा में लघु खनिजों की नीलामी बिक्री भी शामिल है;(ग)
"अधिकृत अधिकारी" से तात्पर्य खान निदेशक या खान निदेशालय के किसी ऐसे अधिकारी से है जिसे सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए लिखित रूप में विधिवत अधिकृत किया गया हो;(घ)
"कलेक्टर" से तात्पर्य जिले के राजस्व प्रशासन के प्रभारी मुख्य अधिकारी से है तथा इसमें अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट भी शामिल है;(ई)
"सक्षम प्राधिकारी" से तात्पर्य अनुसूची IV के स्तंभ (3) और (4) में उल्लिखित संबंधित सरकारी विभाग के अधिकारियों से है, जिनके प्रयोजन और अधिकार क्षेत्र क्रमशः स्तंभ (2) और (1) में उनके सामने निर्दिष्ट हैं;(f)
"नियंत्रण प्राधिकारी" से तात्पर्य अनुसूची-III के स्तंभ (2) में उल्लिखित अधिकारियों से है, जिनके प्रयोजन और अधिकार क्षेत्र प्रत्येक के समक्ष स्तंभ (1) में निर्दिष्ट हैं;(जी)
"निदेशक" से तात्पर्य खान निदेशक, उड़ीसा से है;(h)
"उप निदेशक" से तात्पर्य उड़ीसा के खान उप निदेशक से है;(i)
"सजावटी पत्थर" से तात्पर्य ग्रेनाइट संरक्षण और विकास नियम, 1999 में परिभाषित सभी प्रकार के ग्रेनाइट और सजावटी, औद्योगिक या निर्यात प्रयोजन के लिए उपयुक्त किसी भी अन्य चट्टान से है, जिसमें आयाम पत्थर भी शामिल है;(j)
"फॉर्म" से तात्पर्य इन नियमों के साथ संलग्न फॉर्म से है;(k)
"सरकार" से तात्पर्य उड़ीसा सरकार से है;(l)
"ग्रेनाइट" से तात्पर्य डोलेराइट, ग्रेनाइट नीस, मिग्माटाइट, गैब्रो, एनोर्थोसाइट, रायोलाइट, सिएनाइट, लेप्टिनाइट, चार्नोकाइट और अन्य आग्नेय और ऑर्थोमेटामॉर्फिक चट्टान प्रकारों से है जो -(m)
"ग्राम पंचायत" से तात्पर्य 'ओडिशा ग्राम पंचायत अधिनियम, 1964' की धारा 7 के अंतर्गत स्थापित 'ग्राम शासन' की कार्यकारी समिति से है;(n)
"संयुक्त निदेशक" से तात्पर्य उड़ीसा के खान विभाग के संयुक्त निदेशक से है;(ओ)
"खनन पट्टा" का अर्थ है एक ऐसा पट्टा जो सघन क्षेत्र पर सजावटी पत्थरों के निष्कर्षण और/या निष्कासन के लिए 30 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए कार्यकाल के आधार पर दिया जाता है;(पी)
"खनन योजना" से तात्पर्य ग्रेनाइट संरक्षण एवं विकास नियम, 1999 और इन नियमों के तहत तैयार की गई खनन योजना से है;(q)
"अन्वेषण लाइसेंस" से तात्पर्य किसी सघन क्षेत्र में सजावटी पत्थरों के भंडारों की खोज, पता लगाने या सिद्ध करने के उद्देश्य से कोई भी कार्य करने हेतु प्रदत्त लाइसेंस से है;(आर)
"पत्थर उत्खनन पट्टा" का अर्थ है एक ऐसा पट्टा जो सघन क्षेत्र में सजावटी पत्थरों के अलावा अन्य सूक्ष्म खनिजों के निष्कर्षण, संग्रह और/या निष्कासन के लिए कार्यकाल के आधार पर दिया जाता है;(एस)
"खदान परमिट" का अर्थ है एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए प्रदान किया गया परमिट, सजावटी पत्थरों के अलावा किसी निर्दिष्ट मात्रा में एक हजार घन मीटर से अधिक न होने वाले सूक्ष्म खनिजों के निष्कर्षण, संग्रह और/या निष्कासन के लिए;(टी)
"पत्थर उत्खनन कार्य" से तात्पर्य किसी भी सूक्ष्म खनिज, जिसमें सजावटी पत्थर भी शामिल हैं, को प्राप्त करने के उद्देश्य से किए गए किसी भी कार्य से है और इसमें मशीनरी की स्थापना, ट्रामवे बिछाना, सड़कों का निर्माण और पत्थर उत्खनन के उद्देश्य से किए गए अन्य प्रारंभिक कार्य शामिल होंगे;(u)
"मान्यता प्राप्त व्यक्ति" से तात्पर्य ग्रेनाइट संरक्षण एवं विकास नियम, 1999 और इन नियमों के अंतर्गत खनन योजना तैयार करने हेतु अधिकृत अधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त योग्य व्यक्ति से है;(v)
"उप-कलेक्टर" से तात्पर्य राजस्व उप-मंडल के प्रभारी अधिकारी से है;(w)
"अनुसूची" से तात्पर्य इन नियमों के साथ संलग्न अनुसूची से है;(x)
"अनुसूचित क्षेत्र" से तात्पर्य भारत के संविधान के अनुच्छेद 244 के खंड (1) में निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्रों से है; और(y)
"तहसीलदार" से तात्पर्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी से है तथा इसमें अतिरिक्त तहसीलदार भी शामिल है।(3)
इस नियम में प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियाँ, जो इन नियमों में परिभाषित नहीं हैं, उनका वही अर्थ होगा जो क्रमशः अधिनियम, खनिज रियायत नियम, 1960 और ग्रेनाइट संरक्षण एवं विकास नियम, 1999 में उन्हें दिया गया है।इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

