अपराध जाँचक
कोई धारा चुनिए — जमानतीय है या नहीं, संज्ञेय है या नहीं, कौन-सा न्यायालय।
- प्रकाशित
- 8522
- जमानतीय
- 6196
- अजमानतीय
- 1830
- संज्ञेय
- 2552
- अधिनियम
- 3166
12 परिणाम
यह सूची CSV में डाउनलोड करें- 75बच्चे के प्रति क्रूरता का दंड।कि.न्या. अधि. · 10 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयसत्र न्यायालय
- 76भीख मांगने के लिए बच्चों को काम पर लगाना।कि.न्या. अधि. · 10 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयसत्र न्यायालय
- 77किसी बच्चे को मादक पेय पदार्थ, मादक औषधि या मनोरोगी पदार्थ देने पर दंड।कि.न्या. अधि. · 7 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 81किसी भी उद्देश्य के लिए बच्चों की बिक्री और खरीद-फरोख्त।कि.न्या. अधि. · 7 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 79बाल कर्मचारी का शोषण।कि.न्या. अधि. · 5 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 56दत्तक ग्रहण।कि.न्या. अधि. · 3 वर्षअजमानतीयअसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 80निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना गोद लेने पर दंडात्मक कार्रवाई।कि.न्या. अधि. · 3 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 42बाल देखभाल संस्थानों के पंजीकरण न कराने पर जुर्माना।कि.न्या. अधि. · 1 वर्षजमानतीयअसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 34सूचना न देने पर जुर्माना।कि.न्या. अधि. · 6 माहजमानतीयअसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 74बच्चों की पहचान उजागर करने पर प्रतिबंध।कि.न्या. अधि. · 6 माहजमानतीयअसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 65विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसियां।कि.न्या. अधि. · जुर्माना ₹50,000जमानतीयअसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 87उकसाना।कि.न्या. अधि.
कौन-सी संहिता लागू होगी?
प्रक्रिया: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद दर्ज हर मामले पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू है; उस दिन पहले से लंबित अन्वेषण, जाँच या विचारण दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन चलता रहता है (भा.ना.सु.सं. धारा 531(2)(क))। अपराध: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद किया गया कृत्य भारतीय न्याय संहिता के अधीन, उससे पहले का भारतीय दंड संहिता के अधीन।

