OCS Rules 22अध्याय VI · Appeals
धारा 22 · जुर्माने लगाने वाले आदेशों के खिलाफ अपील
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जुर्माने लगाने के आदेशों के खिलाफ अपील।
(1)
उड़ीसा सिविल सेवा [समूह-सी] [जनरल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग अधिसूचना संख्या 17902/एससी/3-2/99 (भाग-आई) जनरल दिनांक 23.5.2000 द्वारा प्रतिस्थापित] या उड़ीसा सिविल सेवा [समूह-डी] [जनरल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग अधिसूचना संख्या 17902/एससी/3-2/99 (भाग-आई) जनरल दिनांक 23.5.2000 द्वारा प्रतिस्थापित] का कोई सदस्य, नियम 13 में निर्दिष्ट किसी भी दंड को लागू करने वाले आदेश के विरुद्ध अनुसूची में या सामान्य या विशेष आदेश द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट प्राधिकारी के समक्ष या, जहां ऐसा कोई प्राधिकारी निर्दिष्ट नहीं है, उस प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है जिसके अधीन दंड लगाने वाला प्राधिकारी सीधे तौर पर अधीनस्थ है।(2)
उड़ीसा सिविल सेवा [समूह-ए] [जीए विभाग अधिसूचना संख्या 17902/एससी/3-2/99 (भाग-आई) जनरल दिनांक 23.5.2000 द्वारा प्रतिस्थापित] या उड़ीसा सिविल सेवा [समूह-बी] [जीए विभाग अधिसूचना संख्या 17902/एससी/3-2/99 (भाग-आई) जनरल दिनांक 23.5.2000 द्वारा प्रतिस्थापित] का कोई सदस्य , जिसके विरुद्ध राज्यपाल के अतिरिक्त किसी अन्य प्राधिकारी द्वारा नियम 13 में निर्दिष्ट दंडों में से कोई दंड लगाने का आदेश दिया गया है, ऐसे आदेश के विरुद्ध राज्यपाल के समक्ष अपील कर सकता है।(3)
उप-नियम (1) और (2) में किसी बात के होते हुए भी, नियम 17 के अधीन आयोजित सामान्य कार्यवाही में किसी आदेश के विरुद्ध अपील उस प्राधिकारी के समक्ष की जाएगी जिसके अधीन उस कार्यवाही के प्रयोजन के लिए अनुशासनात्मक प्राधिकारी के रूप में कार्य करने वाला प्राधिकारी प्रत्यक्ष रूप से होता है। स्पष्टीकरण - इस नियम में 'उड़ीसा सिविल सेवा का सदस्य' अभिव्यक्ति में वह व्यक्ति भी शामिल है जो उस सेवा का सदस्य नहीं रह चुका है।इस धारा पर आपका निजी नोट
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