OSH Code 34अध्याय IX · Inspector-cum-facilitators and Other Authority
धारा 34 · निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ताओं की नियुक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा इस संहिता के प्रयोजनों के लिए निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता नियुक्त कर सकती है, जो अधिसूचना में निर्दिष्ट अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इस संहिता के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
(2) उपधारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, इस संहिता के अधीन उनके द्वारा किए जाने वाले अन्य कर्तव्यों के अतिरिक्त, उपधारा ( 3 ) में निर्दिष्ट निरीक्षण करेंगे।
(3) उपयुक्त सरकार कर सकती है---
(i) उपधारा ( 2 ) में निर्दिष्ट निरीक्षण के प्रयोजनों के लिए, अधिसूचना द्वारा एक निरीक्षण योजना निर्धारित की जाए, जिसमें वेब-आधारित निरीक्षण उत्पन्न करने और इस संहिता के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक रूप से सूचना प्राप्त करने का प्रावधान हो, और ऐसी योजना में, अन्य बातों के अलावा , वेब-आधारित निरीक्षणों के अलावा प्रतिष्ठान या किसी अन्य व्यक्ति से निरीक्षण सौंपने और सूचना प्राप्त करने के लिए विशेष परिस्थितियों को पूरा करने के प्रावधान हों; और
(ii) उपधारा ( 2 ) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, अधिसूचना द्वारा, योजना के तहत, निरीक्षण के लिए प्रतिष्ठान और निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के यादृच्छिक चयन का प्रावधान करें।
(4) इस धारा के अधीन उपयुक्त सरकार की शक्तियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उपधारा ( 3 ) में निर्दिष्ट निरीक्षण योजना को निम्नलिखित कारकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा सकता है, अर्थात्:---
(क) प्रत्येक प्रतिष्ठान को विशिष्ट संख्या का आवंटन (जो धारा 3 के अंतर्गत पंजीकृत प्रतिष्ठान को आवंटित पंजीकरण संख्या के समान होगी), प्रत्येक निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता को विशिष्ट संख्या का आवंटन और प्रत्येक निरीक्षण को उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित तरीके से विशिष्ट संख्या का आवंटन;
(ख) निरीक्षण रिपोर्टों को योजना में अधिसूचित तरीके से और ऐसी शर्तों के अधीन समय पर अपलोड करना;
(ग) उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले मापदंडों के आधार पर विशेष निरीक्षणों के प्रावधान; और
(घ) रोजगार की विशेषताएं, कार्य की प्रकृति और कार्यस्थलों की विशेषताएं, ऐसे मापदंडों के आधार पर निर्धारित की जाएंगी जिन्हें उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है।
(5) उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा, निर्धारित योग्यता एवं अनुभव रखने वाले किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को ऐसे प्रतिष्ठानों या प्रतिष्ठानों के वर्ग तथा ऐसे स्थानीय क्षेत्राधिकार की सीमाओं के प्रयोजनों के लिए मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता नियुक्त कर सकती है, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जाए: बशर्ते कि मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की नियुक्ति किसी राज्य या एक से अधिक राज्यों के प्रयोजनों के लिए या पूरे देश के प्रयोजनों के लिए की जा सकती है।
(6) उपयुक्त सरकार, अधिसूचना द्वारा, उस सरकार द्वारा अधिसूचित प्रतिष्ठानों के प्रयोजनों के लिए, अतिरिक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, संयुक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता और उप मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता या किसी अन्य पदनाम के अधिकारी को, जैसा वह उचित समझे, नियुक्त कर सकती है, ताकि वे अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की ऐसी शक्तियों का प्रयोग कर सकें, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया गया हो।
(7) उपधारा ( 6 ) के अधीन नियुक्त प्रत्येक अतिरिक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, संयुक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, उप मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता और अन्य अधिकारी, उस अधिसूचना में निर्दिष्ट मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की शक्तियों के अतिरिक्त, जिसके द्वारा अधिकारी की नियुक्ति की जाती है, अधिसूचना में निर्दिष्ट स्थानीय सीमाओं के भीतर निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
(8) इस धारा के अधीन किसी व्यक्ति को नियुक्त नहीं किया जाएगा, और न ही नियुक्त होने के बाद वह पद पर बना रहेगा, जो किसी कार्यस्थल या कार्य गतिविधि में, या किसी कार्यस्थल में, या उससे जुड़े किसी संयंत्र या मशीनरी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हित रखता हो, या हित रखने वाला हो।
(9) उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा ऐसे लोक अधिकारियों को भी नियुक्त कर सकती है जिन्हें वह इस संहिता के सभी या किसी भी उद्देश्य के लिए निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की शक्तियों का प्रयोग करने और कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए ऐसे स्थानीय सीमाओं के भीतर निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के अतिरिक्त निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के रूप में उपयुक्त समझे, जैसा कि ऐसी अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(10) इस संहिता के अधीन निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के अन्य कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता अपने अधिकार क्षेत्र के स्थानीय क्षेत्र या क्षेत्रों में किसी प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग के संबंध में, जहां मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता उपयुक्त सरकार की स्वीकृति से और ऐसे प्रतिबंधों या शर्तों के अधीन रहते हुए, जिन्हें वह उचित समझे, लिखित आदेश द्वारा निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता को मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की ऐसी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत कर सकता है, जो ऐसे आदेश में निर्दिष्ट की गई हों:
बशर्ते कि मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, उपयुक्त सरकार की स्वीकृति से, लिखित आदेश द्वारा किसी निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता या ऐसे आदेश में निर्दिष्ट निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ताओं के किसी वर्ग द्वारा ऐसी किसी शक्ति के प्रयोग को प्रतिबंधित कर सकता है।
(11) प्रत्येक मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, अतिरिक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, संयुक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, उप मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता और इस धारा के अधीन नियुक्त प्रत्येक अन्य अधिकारी को भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860) की धारा 21 के अर्थ में लोक सेवक माना जाएगा और वह आधिकारिक रूप से ऐसे प्राधिकारी के अधीन होगा जिसे उपयुक्त सरकार इस संबंध में निर्दिष्ट करे।
(2) उपधारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, इस संहिता के अधीन उनके द्वारा किए जाने वाले अन्य कर्तव्यों के अतिरिक्त, उपधारा ( 3 ) में निर्दिष्ट निरीक्षण करेंगे।
(3) उपयुक्त सरकार कर सकती है---
(i) उपधारा ( 2 ) में निर्दिष्ट निरीक्षण के प्रयोजनों के लिए, अधिसूचना द्वारा एक निरीक्षण योजना निर्धारित की जाए, जिसमें वेब-आधारित निरीक्षण उत्पन्न करने और इस संहिता के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक रूप से सूचना प्राप्त करने का प्रावधान हो, और ऐसी योजना में, अन्य बातों के अलावा , वेब-आधारित निरीक्षणों के अलावा प्रतिष्ठान या किसी अन्य व्यक्ति से निरीक्षण सौंपने और सूचना प्राप्त करने के लिए विशेष परिस्थितियों को पूरा करने के प्रावधान हों; और
(ii) उपधारा ( 2 ) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, अधिसूचना द्वारा, योजना के तहत, निरीक्षण के लिए प्रतिष्ठान और निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के यादृच्छिक चयन का प्रावधान करें।
(4) इस धारा के अधीन उपयुक्त सरकार की शक्तियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उपधारा ( 3 ) में निर्दिष्ट निरीक्षण योजना को निम्नलिखित कारकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा सकता है, अर्थात्:---
(क) प्रत्येक प्रतिष्ठान को विशिष्ट संख्या का आवंटन (जो धारा 3 के अंतर्गत पंजीकृत प्रतिष्ठान को आवंटित पंजीकरण संख्या के समान होगी), प्रत्येक निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता को विशिष्ट संख्या का आवंटन और प्रत्येक निरीक्षण को उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित तरीके से विशिष्ट संख्या का आवंटन;
(ख) निरीक्षण रिपोर्टों को योजना में अधिसूचित तरीके से और ऐसी शर्तों के अधीन समय पर अपलोड करना;
(ग) उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले मापदंडों के आधार पर विशेष निरीक्षणों के प्रावधान; और
(घ) रोजगार की विशेषताएं, कार्य की प्रकृति और कार्यस्थलों की विशेषताएं, ऐसे मापदंडों के आधार पर निर्धारित की जाएंगी जिन्हें उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है।
(5) उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा, निर्धारित योग्यता एवं अनुभव रखने वाले किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को ऐसे प्रतिष्ठानों या प्रतिष्ठानों के वर्ग तथा ऐसे स्थानीय क्षेत्राधिकार की सीमाओं के प्रयोजनों के लिए मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता नियुक्त कर सकती है, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जाए: बशर्ते कि मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की नियुक्ति किसी राज्य या एक से अधिक राज्यों के प्रयोजनों के लिए या पूरे देश के प्रयोजनों के लिए की जा सकती है।
(6) उपयुक्त सरकार, अधिसूचना द्वारा, उस सरकार द्वारा अधिसूचित प्रतिष्ठानों के प्रयोजनों के लिए, अतिरिक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, संयुक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता और उप मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता या किसी अन्य पदनाम के अधिकारी को, जैसा वह उचित समझे, नियुक्त कर सकती है, ताकि वे अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की ऐसी शक्तियों का प्रयोग कर सकें, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया गया हो।
(7) उपधारा ( 6 ) के अधीन नियुक्त प्रत्येक अतिरिक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, संयुक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, उप मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता और अन्य अधिकारी, उस अधिसूचना में निर्दिष्ट मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की शक्तियों के अतिरिक्त, जिसके द्वारा अधिकारी की नियुक्ति की जाती है, अधिसूचना में निर्दिष्ट स्थानीय सीमाओं के भीतर निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
(8) इस धारा के अधीन किसी व्यक्ति को नियुक्त नहीं किया जाएगा, और न ही नियुक्त होने के बाद वह पद पर बना रहेगा, जो किसी कार्यस्थल या कार्य गतिविधि में, या किसी कार्यस्थल में, या उससे जुड़े किसी संयंत्र या मशीनरी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हित रखता हो, या हित रखने वाला हो।
(9) उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा ऐसे लोक अधिकारियों को भी नियुक्त कर सकती है जिन्हें वह इस संहिता के सभी या किसी भी उद्देश्य के लिए निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की शक्तियों का प्रयोग करने और कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए ऐसे स्थानीय सीमाओं के भीतर निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के अतिरिक्त निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के रूप में उपयुक्त समझे, जैसा कि ऐसी अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(10) इस संहिता के अधीन निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के अन्य कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता अपने अधिकार क्षेत्र के स्थानीय क्षेत्र या क्षेत्रों में किसी प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग के संबंध में, जहां मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता उपयुक्त सरकार की स्वीकृति से और ऐसे प्रतिबंधों या शर्तों के अधीन रहते हुए, जिन्हें वह उचित समझे, लिखित आदेश द्वारा निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता को मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की ऐसी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत कर सकता है, जो ऐसे आदेश में निर्दिष्ट की गई हों:
बशर्ते कि मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, उपयुक्त सरकार की स्वीकृति से, लिखित आदेश द्वारा किसी निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता या ऐसे आदेश में निर्दिष्ट निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ताओं के किसी वर्ग द्वारा ऐसी किसी शक्ति के प्रयोग को प्रतिबंधित कर सकता है।
(11) प्रत्येक मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, अतिरिक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, संयुक्त मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, उप मुख्य निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता, निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता और इस धारा के अधीन नियुक्त प्रत्येक अन्य अधिकारी को भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860) की धारा 21 के अर्थ में लोक सेवक माना जाएगा और वह आधिकारिक रूप से ऐसे प्राधिकारी के अधीन होगा जिसे उपयुक्त सरकार इस संबंध में निर्दिष्ट करे।
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