NI Act 141अध्याय XVII · Of Penalties in Case of Dishonour of Certain Cheques for Insufficiency of Funds in the Accounts
धारा 141 · कंपनियों द्वारा अपराध
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि धारा 138 के अधीन अपराध करने वाला व्यक्ति कोई कंपनी है, तो प्रत्येक ऐसा व्यक्ति, जो उस समय जब वह अपराध किया गया था, कंपनी के कारबार के संचालन के लिए कंपनी का भारसाधक और उसके प्रति उत्तरदायी था, साथ ही वह कंपनी भी, उस अपराध का दोषी समझा जाएगा और तद्नुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दंडित किए जाने का भागी होगा:
परन्तु इस उपधारा की कोई बात किसी व्यक्ति को दंड का भागी नहीं बनाएगी यदि वह यह साबित कर देता है कि वह अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध के किए जाने का निवारण करने के लिए सब सम्यक् तत्परता बरती थी:
परन्तु यह और कि जहां किसी व्यक्ति को, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार में अथवा केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्वाधीन या नियंत्रणाधीन किसी वित्तीय निगम में कोई पद या नियोजन धारण करने के आधार पर किसी कंपनी के निदेशक के रूप में नामनिर्दिष्ट किया गया है, वहां वह इस अध्याय के अधीन अभियोजन का भागी नहीं होगा ।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया है और यह साबित हो जाता है कि वह अपराध कंपनी के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता से किया गया है, या उसकी किसी उपेक्षा के कारण हुआ है, वहां ऐसा निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी भी उस अपराध का दोषी समझा जाएगा और तद्नुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दंडित किए जाने का भागी होगा ।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) “कंपनी” से कोई निगमित निकाय अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत कोई फर्म या व्यष्टियों का अन्य संगम भी है; और
(ख) “निदेशक” से, किसी फर्म के संबंध में, उस फर्म का कोई भागीदार अभिप्रेत है ।
परन्तु इस उपधारा की कोई बात किसी व्यक्ति को दंड का भागी नहीं बनाएगी यदि वह यह साबित कर देता है कि वह अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध के किए जाने का निवारण करने के लिए सब सम्यक् तत्परता बरती थी:
परन्तु यह और कि जहां किसी व्यक्ति को, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार में अथवा केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्वाधीन या नियंत्रणाधीन किसी वित्तीय निगम में कोई पद या नियोजन धारण करने के आधार पर किसी कंपनी के निदेशक के रूप में नामनिर्दिष्ट किया गया है, वहां वह इस अध्याय के अधीन अभियोजन का भागी नहीं होगा ।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया है और यह साबित हो जाता है कि वह अपराध कंपनी के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता से किया गया है, या उसकी किसी उपेक्षा के कारण हुआ है, वहां ऐसा निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी भी उस अपराध का दोषी समझा जाएगा और तद्नुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दंडित किए जाने का भागी होगा ।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) “कंपनी” से कोई निगमित निकाय अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत कोई फर्म या व्यष्टियों का अन्य संगम भी है; और
(ख) “निदेशक” से, किसी फर्म के संबंध में, उस फर्म का कोई भागीदार अभिप्रेत है ।
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