पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 416 अब CrPC धारा 375 है
कुछ मामलों में, जब आरोपी अपना अपराध स्वीकार कर लेता है, तो अपील का कोई प्रावधान नहीं होता है।
पुराना कानून
BNSS §416
कुछ मामलों में, जब आरोपी अपना अपराध स्वीकार कर लेता है, तो अपील का कोई प्रावधान नहीं होता है।
धारा 415 में किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी आरोपी व्यक्ति ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और उस स्वीकारोक्ति के आधार पर उसे दोषी ठहराया गया है, तो वहां कोई अपील नहीं होगी,---
(i) यदि दोषसिद्धि उच्च न्यायालय द्वारा की गई हो; या
(ii) यदि दोषसिद्धि सत्र न्यायालय या प्रथम या द्वितीय श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा की गई हो, तो सजा की सीमा या वैधता को छोड़कर।
पूरा पढ़ें: BNSS §416(i) यदि दोषसिद्धि उच्च न्यायालय द्वारा की गई हो; या
(ii) यदि दोषसिद्धि सत्र न्यायालय या प्रथम या द्वितीय श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा की गई हो, तो सजा की सीमा या वैधता को छोड़कर।
नया कानून
CrPC §375
धारा 375. कुछ मामलों में अपील न होना जब अभियुक्त दोष स्वीकार कर लेता है
375. कुछ मामलों में अपील न होना जब अभियुक्त दोष स्वीकार कर लेता है
धारा 374 में किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी अभियुक्त व्यक्ति ने दोष स्वीकार कर लिया है और ऐसी स्वीकृति पर दोषसिद्ध किया गया है, वहां कोई अपील न होगी—
(क) यदि दोषसिद्धि उच्च न्यायालय द्वारा की गई है; या
(ख) यदि दोषसिद्धि सेशन न्यायालय, महानगर मजिस्ट्रेट या प्रथम या द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट द्वारा की गई है, तो दंडादेश की मात्रा या वैधता के बारे में के सिवाय।
पूरा पढ़ें: CrPC §375धारा 374 में किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी अभियुक्त व्यक्ति ने दोष स्वीकार कर लिया है और ऐसी स्वीकृति पर दोषसिद्ध किया गया है, वहां कोई अपील न होगी—
(क) यदि दोषसिद्धि उच्च न्यायालय द्वारा की गई है; या
(ख) यदि दोषसिद्धि सेशन न्यायालय, महानगर मजिस्ट्रेट या प्रथम या द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट द्वारा की गई है, तो दंडादेश की मात्रा या वैधता के बारे में के सिवाय।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।

