पाठ बदला गया है
BNSS धारा 126 अब CrPC धारा 107 है
अन्य मामलों में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा।
पुराना कानून
BNSS §126
अन्य मामलों में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा।
(1) जब किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट को सूचना मिलती है कि कोई व्यक्ति शांति भंग करने या सार्वजनिक शांति को भंग करने की संभावना रखता है या कोई ऐसा गलत कार्य करने की संभावना रखता है जिससे शांति भंग होने या सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना हो और उसकी राय में कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त आधार हो, तो वह इसके बाद दिए गए तरीके से ऐसे व्यक्ति से कारण बताने को कह सकता है कि उसे एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए, जैसा मजिस्ट्रेट उचित समझे, शांति बनाए रखने के लिए बांड या जमानत बांड निष्पादित करने का आदेश क्यों नहीं दिया जाना चाहिए।
(2) इस धारा के अंतर्गत कार्यवाही किसी भी कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष की जा सकती है, जब शांति भंग या अशांति की आशंका वाला स्थान उसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में हो, या ऐसे अधिकार क्षेत्र में कोई ऐसा व्यक्ति हो जो शांति भंग करने, सार्वजनिक शांति भंग करने या उपर्युक्त कोई गलत कार्य करने की संभावना रखता हो।
पूरा पढ़ें: BNSS §126(2) इस धारा के अंतर्गत कार्यवाही किसी भी कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष की जा सकती है, जब शांति भंग या अशांति की आशंका वाला स्थान उसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में हो, या ऐसे अधिकार क्षेत्र में कोई ऐसा व्यक्ति हो जो शांति भंग करने, सार्वजनिक शांति भंग करने या उपर्युक्त कोई गलत कार्य करने की संभावना रखता हो।
नया कानून
CrPC §107
धारा 107. अन्य मामलों में परिशांति कायम रखने के लिए प्रतिभूति
107. अन्य मामलों में परिशांति कायम रखने के लिए प्रतिभूति
(1) जब किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट को यह इत्तिला मिलती है कि कोई व्यक्ति संभाव्यतः परिशांति भंग करेगा या लोक प्रशांति विक्षुब्ध करेगा या कोई ऐसा सदोष कार्य करेगा जिससे संभवतः परिशांति भंग हो जाएगी या लोक प्रशांति विक्षुब्ध हो जाएगी, और उसकी यह राय है कि कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त आधार है, तब वह ऐसे व्यक्ति से, इसमें इसके पश्चात् उपबंधित रीति से, यह अपेक्षा कर सकेगा कि वह कारण बताए कि उसे एक वर्ष से अनधिक ऐसी अवधि के लिए, जो मजिस्ट्रेट ठीक समझे, परिशांति कायम रखने के लिए प्रतिभुओं सहित या रहित बंधपत्र निष्पादित करने का आदेश क्यों न दिया जाए।
(2) इस धारा के अधीन कार्यवाही किसी ऐसे कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष की जा सकेगी, जब या तो वह स्थान, जहां परिशांति भंग या विक्षोभ की आशंका है, उसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर है, या ऐसी अधिकारिता के भीतर कोई ऐसा व्यक्ति है, जो संभाव्यतः ऐसी अधिकारिता से परे परिशांति भंग करेगा या लोक प्रशांति विक्षुब्ध करेगा या यथापूर्वोक्त कोई सदोष कार्य करेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §107(1) जब किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट को यह इत्तिला मिलती है कि कोई व्यक्ति संभाव्यतः परिशांति भंग करेगा या लोक प्रशांति विक्षुब्ध करेगा या कोई ऐसा सदोष कार्य करेगा जिससे संभवतः परिशांति भंग हो जाएगी या लोक प्रशांति विक्षुब्ध हो जाएगी, और उसकी यह राय है कि कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त आधार है, तब वह ऐसे व्यक्ति से, इसमें इसके पश्चात् उपबंधित रीति से, यह अपेक्षा कर सकेगा कि वह कारण बताए कि उसे एक वर्ष से अनधिक ऐसी अवधि के लिए, जो मजिस्ट्रेट ठीक समझे, परिशांति कायम रखने के लिए प्रतिभुओं सहित या रहित बंधपत्र निष्पादित करने का आदेश क्यों न दिया जाए।
(2) इस धारा के अधीन कार्यवाही किसी ऐसे कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष की जा सकेगी, जब या तो वह स्थान, जहां परिशांति भंग या विक्षोभ की आशंका है, उसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर है, या ऐसी अधिकारिता के भीतर कोई ऐसा व्यक्ति है, जो संभाव्यतः ऐसी अधिकारिता से परे परिशांति भंग करेगा या लोक प्रशांति विक्षुब्ध करेगा या यथापूर्वोक्त कोई सदोष कार्य करेगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
