PCA Act 9अध्याय · Animal Welfare Board of India
धारा 9 · बोर्ड के कृत्य
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
बोर्ड के निम्नलिखित कृत्य होंगे-
(क) पशुओं के प्रति क्रूरता के निवारण के लिए भारत में प्रवृत्त विधि का निरंतर अध्ययन करना और किसी ऐसी विधि में समय-समय पर किए जाने वाले संशोधनों के बारे में सरकार को सलाह देना;
(ख) साधारणतया पशुओं को और विशिष्टतया तब, जब वे एक स्थान से दूसरे स्थान को ले जाए जाते हैं अथवा जब वे प्रदर्शनकारी पशुओं के रूप में उपयोग में लाए जाते हैं अथवा जब वे बंधन या परिरोध में रखे जाते हैं, अनावश्यक पीड़ा या यातना का निवारण करने की दृष्टि से, इस अधिनियम के अधीन नियम बनाए जाने के बारे में केन्द्रीय सरकार को सलाह देना;
(ग) भारवाहक पशुओं पर के बोझ को कम करने के लिए यानों के अभिकल्पों में सुधार के बारे में सरकार को या किसी स्थानीय प्राधिकारी या अन्य व्यक्ति को सलाह देना;
(घ) छप्परों, नांदों और वैसी ही चीजों के सन्निर्माण को प्रोत्साहित करके या उसके लिए उपबंध करके तथा पशुओं के लिए पशु-चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर, पशुओं की बेहतरी के लिए ऐसे सभी उपाय करना, जो बोर्ड ठीक समझे;
(ङ) वधशालाओं के अभिकल्प या अनुरक्षण के बारे में अथवा पशुओं के इस प्रकार वध किए जाने के बारे में सरकार को या किसी स्थानीय प्राधिकारी या किसी अन्य व्यक्ति को सलाह देना कि वध से पूर्व के प्रक्रमों में पशुओं को होने वाली अनावश्यक शारीरिक या मानसिक पीड़ा या यातना, जहां तक संभव हो, समाप्त हो जाए और पशुओं का, जहां आवश्यक हो, यथासंभव दयापूर्वक वध किया जाए;
(च) यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसे सभी उपाय करना, जो बोर्ड ठीक समझे, कि जिन पशुओं की और अपेक्षा नहीं है, वे स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा, जब कभी आवश्यक हो, या तो तत्काल अथवा उन्हें पीड़ा या यातना के प्रति संवेदनशून्य करके नष्ट कर दिए जाएं;
(छ) वित्तीय सहायता अनुदत्त करके या अन्यथा, [पिंजरों, बचाव-गृहों, पशु-आश्रयों, पक्षीशालाओं और वैसे ही अन्य स्थानों के, जहां पशु और पक्षी वृद्ध और अनुपयुक्त होने पर अथवा संरक्षण की आवश्यकता होने पर शरण पा सकें, सन्निर्माण या स्थापन] को प्रोत्साहित करना;
(ज) पशुओं को अनावश्यक यातना या यंत्रणा का निवारण करने के प्रयोजन के लिए अथवा पशुओं के संरक्षण के लिए स्थापित संगमों या निकायों के साथ सहयोग करना और उनके कार्य का समन्वय करना;
(झ) किसी स्थानीय क्षेत्र में काम कर रहे पशु-कल्याण संगठनों को वित्तीय और अन्य सहायता देना, अथवा किसी स्थानीय क्षेत्र में ऐसे किसी पशु-कल्याण संगठन के गठन को प्रोत्साहित करना, जो बोर्ड के साधारण अधीक्षण और मार्गदर्शन के अधीन काम करेगा;
(ञ) चिकित्सा देखरेख और परिचर्या के ऐसे विषयों के बारे में, जिनके लिए पशु-चिकित्सालयों में उपबंध किया जा सकेगा, सरकार को सलाह देना और, जब कभी बोर्ड आवश्यक समझे, पशु-चिकित्सालयों को वित्तीय और अन्य सहायता देना;
(न) पशुओं के साथ दयापूर्ण बर्ताव के लिए और पशुओं को अनावश्यक यातना या यंत्रणा के विरुद्ध शिक्षित करना तथा व्याख्यानों, पुस्तकों, पोस्टरों, फिल्मों, प्रदर्शनियों और वैसे ही अन्य साधनों द्वारा पशु-कल्याण के संवर्धन के लिए लोकमत तैयार करना;
(छ) पशु-कल्याण से अथवा पशुओं को अनावश्यक यातना या यंत्रणा के निवारण से संबंधित विषयों के बारे में सरकार को सलाह देना ।
(क) पशुओं के प्रति क्रूरता के निवारण के लिए भारत में प्रवृत्त विधि का निरंतर अध्ययन करना और किसी ऐसी विधि में समय-समय पर किए जाने वाले संशोधनों के बारे में सरकार को सलाह देना;
(ख) साधारणतया पशुओं को और विशिष्टतया तब, जब वे एक स्थान से दूसरे स्थान को ले जाए जाते हैं अथवा जब वे प्रदर्शनकारी पशुओं के रूप में उपयोग में लाए जाते हैं अथवा जब वे बंधन या परिरोध में रखे जाते हैं, अनावश्यक पीड़ा या यातना का निवारण करने की दृष्टि से, इस अधिनियम के अधीन नियम बनाए जाने के बारे में केन्द्रीय सरकार को सलाह देना;
(ग) भारवाहक पशुओं पर के बोझ को कम करने के लिए यानों के अभिकल्पों में सुधार के बारे में सरकार को या किसी स्थानीय प्राधिकारी या अन्य व्यक्ति को सलाह देना;
(घ) छप्परों, नांदों और वैसी ही चीजों के सन्निर्माण को प्रोत्साहित करके या उसके लिए उपबंध करके तथा पशुओं के लिए पशु-चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर, पशुओं की बेहतरी के लिए ऐसे सभी उपाय करना, जो बोर्ड ठीक समझे;
(ङ) वधशालाओं के अभिकल्प या अनुरक्षण के बारे में अथवा पशुओं के इस प्रकार वध किए जाने के बारे में सरकार को या किसी स्थानीय प्राधिकारी या किसी अन्य व्यक्ति को सलाह देना कि वध से पूर्व के प्रक्रमों में पशुओं को होने वाली अनावश्यक शारीरिक या मानसिक पीड़ा या यातना, जहां तक संभव हो, समाप्त हो जाए और पशुओं का, जहां आवश्यक हो, यथासंभव दयापूर्वक वध किया जाए;
(च) यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसे सभी उपाय करना, जो बोर्ड ठीक समझे, कि जिन पशुओं की और अपेक्षा नहीं है, वे स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा, जब कभी आवश्यक हो, या तो तत्काल अथवा उन्हें पीड़ा या यातना के प्रति संवेदनशून्य करके नष्ट कर दिए जाएं;
(छ) वित्तीय सहायता अनुदत्त करके या अन्यथा, [पिंजरों, बचाव-गृहों, पशु-आश्रयों, पक्षीशालाओं और वैसे ही अन्य स्थानों के, जहां पशु और पक्षी वृद्ध और अनुपयुक्त होने पर अथवा संरक्षण की आवश्यकता होने पर शरण पा सकें, सन्निर्माण या स्थापन] को प्रोत्साहित करना;
(ज) पशुओं को अनावश्यक यातना या यंत्रणा का निवारण करने के प्रयोजन के लिए अथवा पशुओं के संरक्षण के लिए स्थापित संगमों या निकायों के साथ सहयोग करना और उनके कार्य का समन्वय करना;
(झ) किसी स्थानीय क्षेत्र में काम कर रहे पशु-कल्याण संगठनों को वित्तीय और अन्य सहायता देना, अथवा किसी स्थानीय क्षेत्र में ऐसे किसी पशु-कल्याण संगठन के गठन को प्रोत्साहित करना, जो बोर्ड के साधारण अधीक्षण और मार्गदर्शन के अधीन काम करेगा;
(ञ) चिकित्सा देखरेख और परिचर्या के ऐसे विषयों के बारे में, जिनके लिए पशु-चिकित्सालयों में उपबंध किया जा सकेगा, सरकार को सलाह देना और, जब कभी बोर्ड आवश्यक समझे, पशु-चिकित्सालयों को वित्तीय और अन्य सहायता देना;
(न) पशुओं के साथ दयापूर्ण बर्ताव के लिए और पशुओं को अनावश्यक यातना या यंत्रणा के विरुद्ध शिक्षित करना तथा व्याख्यानों, पुस्तकों, पोस्टरों, फिल्मों, प्रदर्शनियों और वैसे ही अन्य साधनों द्वारा पशु-कल्याण के संवर्धन के लिए लोकमत तैयार करना;
(छ) पशु-कल्याण से अथवा पशुओं को अनावश्यक यातना या यंत्रणा के निवारण से संबंधित विषयों के बारे में सरकार को सलाह देना ।
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