POCSO 2अध्याय I · Preliminary
धारा 2 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, --
(क) "गंभीर प्रवेशात्मक यौन हमला" का वही अर्थ है जो धारा 5 में दिया गया है;
(ख) "गंभीर यौन उत्पीड़न" का वही अर्थ होगा जो धारा 9 में दिया गया है;
(ग) “सशस्त्र बल या सुरक्षा बल” से तात्पर्य संघ के सशस्त्र बलों या सुरक्षा बलों या पुलिस बलों से है, जैसा कि अनुसूची में निर्दिष्ट है;
(घ) "बाल" से तात्पर्य अठारह वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति से है;
1 [(da) "बाल पोर्नोग्राफी" से तात्पर्य किसी बच्चे से जुड़े यौन रूप से स्पष्ट आचरण के किसी भी दृश्य चित्रण से है जिसमें फोटो, वीडियो, डिजिटल या कंप्यूटर जनित छवि शामिल है जो वास्तविक बच्चे से अविभाज्य है और ऐसी छवि जो बनाई, अनुकूलित या संशोधित की गई है, लेकिन बच्चे को दर्शाती प्रतीत होती है;]
(ई) "घरेलू संबंध" का वही अर्थ होगा जो घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 (43 ऑफ 2005) की धारा 2 के खंड (एफ) में दिया गया है;
(f) "प्रवेशी यौन हमला" का वही अर्थ होगा जो धारा 3 में दिया गया है;
(जी) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(h) "धार्मिक संस्था" का वही अर्थ होगा जो धार्मिक संस्था (दुरुपयोग निवारण) अधिनियम, 1988 (41 ऑफ 1988) में दिया गया है।
(i) "यौन उत्पीड़न" का वही अर्थ होगा जो धारा 7 में दिया गया है;
(j) "यौन उत्पीड़न" का वही अर्थ होगा जो धारा 11 में दिया गया है;
(k) "साझा घर" से तात्पर्य ऐसे घर से है जहाँ अपराध के आरोपी व्यक्ति का निवास है या वह किसी भी समय बच्चे के साथ घरेलू संबंध में रहा है;
(एल) "विशेष न्यायालय" से तात्पर्य धारा 28 के अधीन इस प्रकार नामित न्यायालय से है;
(m) "विशेष लोक अभियोजक" से तात्पर्य धारा 32 के अधीन नियुक्त लोक अभियोजक से है।
(2) यहाँ प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियाँ, जो परिभाषित नहीं हैं, परन्तु भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860), दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974), 2 [किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 (2 ऑफ 2016)] तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (21 ऑफ 2000) में परिभाषित हैं, उनका वही अर्थ होगा जो उक्त संहिताओं या अधिनियमों में उन्हें क्रमशः दिया गया है।
(क) "गंभीर प्रवेशात्मक यौन हमला" का वही अर्थ है जो धारा 5 में दिया गया है;
(ख) "गंभीर यौन उत्पीड़न" का वही अर्थ होगा जो धारा 9 में दिया गया है;
(ग) “सशस्त्र बल या सुरक्षा बल” से तात्पर्य संघ के सशस्त्र बलों या सुरक्षा बलों या पुलिस बलों से है, जैसा कि अनुसूची में निर्दिष्ट है;
(घ) "बाल" से तात्पर्य अठारह वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति से है;
1 [(da) "बाल पोर्नोग्राफी" से तात्पर्य किसी बच्चे से जुड़े यौन रूप से स्पष्ट आचरण के किसी भी दृश्य चित्रण से है जिसमें फोटो, वीडियो, डिजिटल या कंप्यूटर जनित छवि शामिल है जो वास्तविक बच्चे से अविभाज्य है और ऐसी छवि जो बनाई, अनुकूलित या संशोधित की गई है, लेकिन बच्चे को दर्शाती प्रतीत होती है;]
(ई) "घरेलू संबंध" का वही अर्थ होगा जो घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 (43 ऑफ 2005) की धारा 2 के खंड (एफ) में दिया गया है;
(f) "प्रवेशी यौन हमला" का वही अर्थ होगा जो धारा 3 में दिया गया है;
(जी) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(h) "धार्मिक संस्था" का वही अर्थ होगा जो धार्मिक संस्था (दुरुपयोग निवारण) अधिनियम, 1988 (41 ऑफ 1988) में दिया गया है।
(i) "यौन उत्पीड़न" का वही अर्थ होगा जो धारा 7 में दिया गया है;
(j) "यौन उत्पीड़न" का वही अर्थ होगा जो धारा 11 में दिया गया है;
(k) "साझा घर" से तात्पर्य ऐसे घर से है जहाँ अपराध के आरोपी व्यक्ति का निवास है या वह किसी भी समय बच्चे के साथ घरेलू संबंध में रहा है;
(एल) "विशेष न्यायालय" से तात्पर्य धारा 28 के अधीन इस प्रकार नामित न्यायालय से है;
(m) "विशेष लोक अभियोजक" से तात्पर्य धारा 32 के अधीन नियुक्त लोक अभियोजक से है।
(2) यहाँ प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियाँ, जो परिभाषित नहीं हैं, परन्तु भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860), दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974), 2 [किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 (2 ऑफ 2016)] तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (21 ऑफ 2000) में परिभाषित हैं, उनका वही अर्थ होगा जो उक्त संहिताओं या अधिनियमों में उन्हें क्रमशः दिया गया है।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

