धारा 165 · धारा 165: दस्तावेजों का उत्पादन
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165. (1) किसी दस्तावेज़ को पेश करने के लिए बुलाया गया गवाह, यदि वह उसके कब्जे या शक्ति में है, तो उसे अदालत में लाएगा, भले ही इसके उत्पादन या इसकी स्वीकार्यता पर कोई आपत्ति हो:
बशर्ते कि ऐसी किसी भी आपत्ति की वैधता का निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
(2) न्यायालय, यदि उचित समझे, दस्तावेज़ का निरीक्षण कर सकता है, जब तक कि यह राज्य के मामलों को संदर्भित न करे, या इसकी स्वीकार्यता निर्धारित करने में सक्षम बनाने के लिए अन्य साक्ष्य ले सकता है।
(3) यदि ऐसे उद्देश्य के लिए किसी दस्तावेज़ का अनुवाद करना आवश्यक है, तो न्यायालय, यदि वह उचित समझे, अनुवादक को सामग्री को गुप्त रखने का निर्देश दे सकता है, जब तक कि दस्तावेज़ को साक्ष्य के रूप में नहीं दिया जाना हो और यदि दुभाषिया ऐसे निर्देश की अवहेलना करता है, तो उसे भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 198 के तहत अपराध माना जाएगा:
बशर्ते कि किसी भी न्यायालय को मंत्रियों और भारत के राष्ट्रपति के बीच किसी भी संचार को उसके समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
बशर्ते कि ऐसी किसी भी आपत्ति की वैधता का निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
(2) न्यायालय, यदि उचित समझे, दस्तावेज़ का निरीक्षण कर सकता है, जब तक कि यह राज्य के मामलों को संदर्भित न करे, या इसकी स्वीकार्यता निर्धारित करने में सक्षम बनाने के लिए अन्य साक्ष्य ले सकता है।
(3) यदि ऐसे उद्देश्य के लिए किसी दस्तावेज़ का अनुवाद करना आवश्यक है, तो न्यायालय, यदि वह उचित समझे, अनुवादक को सामग्री को गुप्त रखने का निर्देश दे सकता है, जब तक कि दस्तावेज़ को साक्ष्य के रूप में नहीं दिया जाना हो और यदि दुभाषिया ऐसे निर्देश की अवहेलना करता है, तो उसे भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 198 के तहत अपराध माना जाएगा:
बशर्ते कि किसी भी न्यायालय को मंत्रियों और भारत के राष्ट्रपति के बीच किसी भी संचार को उसके समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
पुराने कानून में
BSA 165IEA 162
162. Production of documents.
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