पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 75 अब BNS धारा 13 है
धारा 75 - पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात् अध्याय 12 या अध्याय 17 के अधीन कतिपय अपराधों के लिए वर्धित दण्ड
पुराना कानून
IPC §75
धारा 75 - पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात् अध्याय 12 या अध्याय 17 के अधीन कतिपय अपराधों के लिए वर्धित दण्ड
पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात् अध्याय 12 या अध्याय 17 के अधीन कतिपय अपराधों के लिए वर्धित दण्ड
जो कोई व्यक्ति -
(क) भारत में के किसी न्यायालय द्वारा इस संहिता के अध्याय 12 या अध्याय 17 के अधीन तीन वर्ष या उससे अधिक की अवधि के लिए दोनों में से किसी भांति के कारावास से दण्डनीय अपराध के लिए, दोषसिद्ध ठहराए जाने के पश्चात् उन दोनों अध्यायों में से किसी अध्याय के अधीन उतनी ही अवधि के लिए वैसे ही कारावास से दण्डनीय किसी अपराध का दोषी हो, तो वह हर ऐसे पश्चात्वर्ती अपराध के लिए आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §75जो कोई व्यक्ति -
(क) भारत में के किसी न्यायालय द्वारा इस संहिता के अध्याय 12 या अध्याय 17 के अधीन तीन वर्ष या उससे अधिक की अवधि के लिए दोनों में से किसी भांति के कारावास से दण्डनीय अपराध के लिए, दोषसिद्ध ठहराए जाने के पश्चात् उन दोनों अध्यायों में से किसी अध्याय के अधीन उतनी ही अवधि के लिए वैसे ही कारावास से दण्डनीय किसी अपराध का दोषी हो, तो वह हर ऐसे पश्चात्वर्ती अपराध के लिए आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा ।
नया कानून
BNS §13
पूर्व दोषसिद्धि के बाद कुछ अपराधों के लिए बढ़ी हुई सजा।
जो कोई भी, भारत में किसी न्यायालय द्वारा इस संहिता के अध्याय X या अध्याय XVII के अंतर्गत किसी ऐसे अपराध का दोषी पाया जाता है, जिसके लिए तीन वर्ष या उससे अधिक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार का कारावास दंडनीय है, और वह किसी ऐसे अपराध का दोषी पाया जाता है जिसके लिए इन अध्यायों में से किसी एक के अंतर्गत समान अवधि के लिए समान कारावास दंडनीय है, तो उसे प्रत्येक पश्चात अपराध के लिए आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास का दंड दिया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §131 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
