पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 442 अब BNS धारा 329(2) है
धारा 442 - गॄह-अतिचार
पुराना कानून
IPC §442
धारा 442 - गॄह-अतिचार
गॄह-अतिचार
जो कोई किसी निर्माण, तम्बू या जलयान में, जो मानव-निवास के रूप में उपयोग में आता है, या किसी निर्माण में, जो उपासना-स्थान के रूप में, या किसी संपत्ति की अभिरक्षा के स्थान के रूप में उपयोग में आता है, प्रवेश करके या उसमें बना रह कर, आपराधिक अतिचार करता है, वह “गॄह-अतिचार” करता है, यह कहा जाता है ।
स्पष्टीकरण - आपराधिक अतिचार करने वाले व्यक्ति के शरीर के किसी भाग का प्रवेश गॄह-अतिचार गठित करने के लिए पर्याप्त प्रवेश है ।
पूरा पढ़ें: IPC §442जो कोई किसी निर्माण, तम्बू या जलयान में, जो मानव-निवास के रूप में उपयोग में आता है, या किसी निर्माण में, जो उपासना-स्थान के रूप में, या किसी संपत्ति की अभिरक्षा के स्थान के रूप में उपयोग में आता है, प्रवेश करके या उसमें बना रह कर, आपराधिक अतिचार करता है, वह “गॄह-अतिचार” करता है, यह कहा जाता है ।
स्पष्टीकरण - आपराधिक अतिचार करने वाले व्यक्ति के शरीर के किसी भाग का प्रवेश गॄह-अतिचार गठित करने के लिए पर्याप्त प्रवेश है ।
नया कानून
BNS §329(2)
आपराधिक अतिक्रमण और घर में अनाधिकृत प्रवेश।
(1) जो कोई किसी दूसरे के कब्जे वाली संपत्ति में अपराध करने के इरादे से या ऐसी संपत्ति के कब्जे में मौजूद किसी व्यक्ति को डराने, अपमानित करने या परेशान करने के इरादे से प्रवेश करता है, या ऐसी संपत्ति में वैध रूप से प्रवेश करने के बाद, किसी ऐसे व्यक्ति को डराने, अपमानित करने या परेशान करने के इरादे से या अपराध करने के इरादे से गैरकानूनी रूप से वहां रहता है, तो वह आपराधिक अतिचार करता है।
(2) जो कोई भी किसी भवन, तम्बू या बर्तन में प्रवेश करके या उसमें रहकर आपराधिक अतिचार करता है, जिसका उपयोग मानव निवास के रूप में किया जाता है, या किसी भवन का उपयोग पूजा स्थल के रूप में या संपत्ति की अभिरक्षा के स्थान के रूप में किया जाता है, उसे गृह-अतिक्रमण करने वाला कहा जाता है।
स्पष्टीकरण। —अपराधी अतिक्रमणकर्ता के शरीर के किसी भी हिस्से का प्रवेश करना ही घर में अतिक्रमण करने के लिए पर्याप्त माना जाता है।
(3) जो कोई आपराधिक अतिचार करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन महीने तक की अवधि के लिए, या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी घर में घुसपैठ करेगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक वर्ष तक की अवधि के लिए, या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §329(2)(2) जो कोई भी किसी भवन, तम्बू या बर्तन में प्रवेश करके या उसमें रहकर आपराधिक अतिचार करता है, जिसका उपयोग मानव निवास के रूप में किया जाता है, या किसी भवन का उपयोग पूजा स्थल के रूप में या संपत्ति की अभिरक्षा के स्थान के रूप में किया जाता है, उसे गृह-अतिक्रमण करने वाला कहा जाता है।
स्पष्टीकरण। —अपराधी अतिक्रमणकर्ता के शरीर के किसी भी हिस्से का प्रवेश करना ही घर में अतिक्रमण करने के लिए पर्याप्त माना जाता है।
(3) जो कोई आपराधिक अतिचार करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन महीने तक की अवधि के लिए, या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी घर में घुसपैठ करेगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक वर्ष तक की अवधि के लिए, या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
