पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 365 अब BNS धारा 140(3) है
धारा 365 - किसी व्यक्ति का गुप्त रीति से और सदोष परिरोध करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण
पुराना कानून
IPC §365
धारा 365 - किसी व्यक्ति का गुप्त रीति से और सदोष परिरोध करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण
किसी व्यक्ति का गुप्त रीति से और सदोष परिरोध करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण
जो कोई इस आशय से किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण करेगा कि उसका गुप्त रीति से और सदोष परिरोध किया जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §365जो कोई इस आशय से किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण करेगा कि उसका गुप्त रीति से और सदोष परिरोध किया जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
नया कानून
BNS §140(3)
हत्या करने या फिरौती आदि के लिए अपहरण करना।
(1) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है ताकि उसकी हत्या की जा सके या उसे इस प्रकार निपटाया जा सके जिससे उसकी हत्या का खतरा उत्पन्न हो, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
चित्र।
(क) यदि कोई व्यक्ति भारत से जेड का अपहरण करता है, इस इरादे से या यह जानते हुए कि जेड को किसी मूर्ति को बलि चढ़ाया जा सकता है, तो ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(ख) यदि ए, बी को उसके घर से जबरन ले जाता है या फुसलाकर ले जाता है ताकि बी की हत्या कर सके, तो ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(2) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है या अपहरण के बाद उसे हिरासत में रखता है और उसे जान से मारने या चोट पहुँचाने की धमकी देता है, या अपने आचरण से यह उचित आशंका उत्पन्न करता है कि उस व्यक्ति को जान से मार दिया जाएगा या चोट पहुँचाई जाएगी, या सरकार, किसी विदेशी राज्य, अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन या किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य करने या न करने के लिए या फिरौती देने के लिए विवश करने के उद्देश्य से उस व्यक्ति को चोट पहुँचाता है या उसकी मृत्यु का कारण बनता है, तो उसे मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
(3) जो कोई किसी व्यक्ति को गुप्त रूप से और गलत तरीके से कैद करने के इरादे से उसका अपहरण करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(4) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है या उसे अगवा करता है ताकि उस व्यक्ति को गंभीर चोट पहुँचाने, गुलामी करने या किसी व्यक्ति की अप्राकृतिक वासना के अधीन करने के खतरे में डाला जा सके, या यह जानते हुए कि उस व्यक्ति को इस प्रकार अधीन किया जाएगा या उसका इस प्रकार निपटारा किया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ें: BNS §140(3)चित्र।
(क) यदि कोई व्यक्ति भारत से जेड का अपहरण करता है, इस इरादे से या यह जानते हुए कि जेड को किसी मूर्ति को बलि चढ़ाया जा सकता है, तो ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(ख) यदि ए, बी को उसके घर से जबरन ले जाता है या फुसलाकर ले जाता है ताकि बी की हत्या कर सके, तो ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(2) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है या अपहरण के बाद उसे हिरासत में रखता है और उसे जान से मारने या चोट पहुँचाने की धमकी देता है, या अपने आचरण से यह उचित आशंका उत्पन्न करता है कि उस व्यक्ति को जान से मार दिया जाएगा या चोट पहुँचाई जाएगी, या सरकार, किसी विदेशी राज्य, अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन या किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य करने या न करने के लिए या फिरौती देने के लिए विवश करने के उद्देश्य से उस व्यक्ति को चोट पहुँचाता है या उसकी मृत्यु का कारण बनता है, तो उसे मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
(3) जो कोई किसी व्यक्ति को गुप्त रूप से और गलत तरीके से कैद करने के इरादे से उसका अपहरण करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(4) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है या उसे अगवा करता है ताकि उस व्यक्ति को गंभीर चोट पहुँचाने, गुलामी करने या किसी व्यक्ति की अप्राकृतिक वासना के अधीन करने के खतरे में डाला जा सके, या यह जानते हुए कि उस व्यक्ति को इस प्रकार अधीन किया जाएगा या उसका इस प्रकार निपटारा किया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
