पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 252 अब BNSS धारा 275 है
धारा 252. दोषी होने के अभिवाक् पर दोषसिद्धि
पुराना कानून
CrPC §252
धारा 252. दोषी होने के अभिवाक् पर दोषसिद्धि
252. दोषी होने के अभिवाक् पर दोषसिद्धि
यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवाक् करता है, तो मजिस्ट्रेट उस अभिवाक् को यथासंभव उन्हीं शब्दों में अभिलिखित करेगा, जो अभियुक्त द्वारा प्रयोग किए गए हैं, और अपने विवेकानुसार उस पर उसे दोषसिद्ध कर सकेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §252यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवाक् करता है, तो मजिस्ट्रेट उस अभिवाक् को यथासंभव उन्हीं शब्दों में अभिलिखित करेगा, जो अभियुक्त द्वारा प्रयोग किए गए हैं, और अपने विवेकानुसार उस पर उसे दोषसिद्ध कर सकेगा।
नया कानून
BNSS §275
दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि।
यदि अभियुक्त अपना अपराध स्वीकार करता है, तो मजिस्ट्रेट अभियुक्त द्वारा प्रयुक्त शब्दों में यथासंभव उसका बयान दर्ज करेगा और अपने विवेकानुसार उसे दोषी ठहरा सकता है।
पूरा पढ़ें: BNSS §2751 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
