पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 44 अब CrPC धारा 47 है
जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाना है, उसके द्वारा प्रवेश किए गए स्थान की तलाशी।
पुराना कानून
BNSS §44
जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाना है, उसके द्वारा प्रवेश किए गए स्थान की तलाशी।
(1) यदि किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी वारंट के तहत कार्य करते हुए, या किसी पुलिस अधिकारी को, जिसे गिरफ्तार करने का अधिकार है, यह विश्वास करने का कारण हो कि गिरफ्तार किया जाने वाला व्यक्ति किसी स्थान में प्रवेश कर चुका है, या उस स्थान के भीतर है, तो ऐसे स्थान में रहने वाला या उस स्थान का प्रभारी कोई भी व्यक्ति, उपर्युक्त कार्य कर रहे व्यक्ति या ऐसे पुलिस अधिकारी की मांग पर, उसे उस स्थान में स्वतंत्र रूप से प्रवेश करने देगा, और उसमें तलाशी के लिए सभी उचित सुविधाएं प्रदान करेगा।
(2) यदि उपधारा (1) के अधीन ऐसे स्थान में प्रवेश प्राप्त न किया जा सके, तो किसी भी स्थिति में वारंट के अधीन कार्य करने वाले व्यक्ति के लिए और किसी भी ऐसी स्थिति में जिसमें वारंट जारी किया जा सकता है, लेकिन गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को भागने का अवसर दिए बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता है, किसी पुलिस अधिकारी के लिए ऐसे स्थान में प्रवेश करना और उसकी तलाशी लेना वैध होगा, और ऐसे स्थान में प्रवेश करने के लिए, किसी भी घर या स्थान के किसी भी बाहरी या भीतरी दरवाजे या खिड़की को तोड़ना वैध होगा, चाहे वह गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति का हो या किसी अन्य व्यक्ति का, यदि अपने अधिकार और उद्देश्य की सूचना देने और विधिवत प्रवेश की मांग करने के बाद, वह अन्यथा प्रवेश प्राप्त नहीं कर सकता है।
बशर्ते कि यदि ऐसा कोई स्थान किसी महिला (गिरफ्तार की जाने वाली व्यक्ति न हो) के वास्तविक कब्जे वाला अपार्टमेंट हो, जो प्रथा के अनुसार सार्वजनिक रूप से उपस्थित नहीं होती है, तो ऐसा व्यक्ति या पुलिस अधिकारी ऐसे अपार्टमेंट में प्रवेश करने से पहले उस महिला को सूचित करेगा कि वह वहां से जाने के लिए स्वतंत्र है और उसे जाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान करेगा, और फिर अपार्टमेंट का दरवाजा तोड़कर उसमें प्रवेश कर सकता है।
(3) कोई पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति जिसे गिरफ्तारी करने का अधिकार है, किसी घर या स्थान के किसी बाहरी या भीतरी दरवाजे या खिड़की को तोड़ सकता है ताकि वह स्वयं को या किसी अन्य व्यक्ति को मुक्त कर सके जो गिरफ्तारी करने के उद्देश्य से वैध रूप से प्रवेश कर चुका है और उसमें हिरासत में है।
पूरा पढ़ें: BNSS §44(2) यदि उपधारा (1) के अधीन ऐसे स्थान में प्रवेश प्राप्त न किया जा सके, तो किसी भी स्थिति में वारंट के अधीन कार्य करने वाले व्यक्ति के लिए और किसी भी ऐसी स्थिति में जिसमें वारंट जारी किया जा सकता है, लेकिन गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को भागने का अवसर दिए बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता है, किसी पुलिस अधिकारी के लिए ऐसे स्थान में प्रवेश करना और उसकी तलाशी लेना वैध होगा, और ऐसे स्थान में प्रवेश करने के लिए, किसी भी घर या स्थान के किसी भी बाहरी या भीतरी दरवाजे या खिड़की को तोड़ना वैध होगा, चाहे वह गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति का हो या किसी अन्य व्यक्ति का, यदि अपने अधिकार और उद्देश्य की सूचना देने और विधिवत प्रवेश की मांग करने के बाद, वह अन्यथा प्रवेश प्राप्त नहीं कर सकता है।
बशर्ते कि यदि ऐसा कोई स्थान किसी महिला (गिरफ्तार की जाने वाली व्यक्ति न हो) के वास्तविक कब्जे वाला अपार्टमेंट हो, जो प्रथा के अनुसार सार्वजनिक रूप से उपस्थित नहीं होती है, तो ऐसा व्यक्ति या पुलिस अधिकारी ऐसे अपार्टमेंट में प्रवेश करने से पहले उस महिला को सूचित करेगा कि वह वहां से जाने के लिए स्वतंत्र है और उसे जाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान करेगा, और फिर अपार्टमेंट का दरवाजा तोड़कर उसमें प्रवेश कर सकता है।
(3) कोई पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति जिसे गिरफ्तारी करने का अधिकार है, किसी घर या स्थान के किसी बाहरी या भीतरी दरवाजे या खिड़की को तोड़ सकता है ताकि वह स्वयं को या किसी अन्य व्यक्ति को मुक्त कर सके जो गिरफ्तारी करने के उद्देश्य से वैध रूप से प्रवेश कर चुका है और उसमें हिरासत में है।
नया कानून
CrPC §47
धारा 47. उस स्थान की तलाशी, जिसमें गिरफ्तार किया जाने वाला व्यक्ति घुसा हो
47. उस स्थान की तलाशी, जिसमें गिरफ्तार किया जाने वाला व्यक्ति घुसा हो
(1) यदि गिरफ्तारी के वारंट के अधीन कार्य करने वाले किसी व्यक्ति को, या गिरफ्तार करने का प्राधिकार रखने वाले किसी पुलिस अधिकारी को, यह विश्वास करने का कारण है कि गिरफ्तार किया जाने वाला व्यक्ति किसी स्थान में घुसा है या उसके भीतर है, तो ऐसे स्थान में निवास करने वाला या उसका भारसाधक कोई व्यक्ति, पूर्वोक्त रूप से कार्य करने वाले ऐसे व्यक्ति की या ऐसे पुलिस अधिकारी की मांग पर, उसे उसमें बेरोक-टोक प्रवेश करने देगा और वहां तलाशी लेने के लिए सब उचित सुविधाएं देगा।
(2) यदि उपधारा (1) के अधीन ऐसे स्थान में प्रवेश प्राप्त नहीं किया जा सकता, तो किसी भी दशा में वारंट के अधीन कार्य करने वाले व्यक्ति के लिए, और किसी ऐसी दशा में, जिसमें वारंट जारी तो किया जा सकता है किंतु गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को निकल भागने का अवसर दिए बिना अभिप्राप्त नहीं किया जा सकता, पुलिस अधिकारी के लिए, ऐसे स्थान में प्रवेश करना और वहां तलाशी लेना, तथा ऐसे स्थान में प्रवेश करने के लिए किसी गृह या स्थान के, चाहे वह गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति का हो या किसी अन्य व्यक्ति का, किसी बाहरी या भीतरी द्वार या खिड़की को तोड़कर खोलना विधिपूर्ण होगा, यदि अपने प्राधिकार और प्रयोजनों की अधिसूचना देने और प्रवेश दिए जाने की सम्यक् रूप से की गई मांग के पश्चात् भी वह अन्यथा प्रवेश प्राप्त नहीं कर सकता:
परन्तु यदि ऐसा कोई स्थान ऐसी स्त्री के (जो गिरफ्तार किया जाने वाला व्यक्ति नहीं है) वास्तविक अधिभोग में कोई कक्ष है, जो रूढ़ि के अनुसार सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आती, तो ऐसा व्यक्ति या पुलिस अधिकारी, ऐसे कक्ष में प्रवेश करने से पूर्व, ऐसी स्त्री को सूचना देगा कि वह हट जाने के लिए स्वतंत्र है, और उसे हट जाने के लिए हर उचित सुविधा देगा, और तब वह उस कक्ष को तोड़कर खोल सकेगा और उसमें प्रवेश कर सकेगा।
(3) गिरफ्तारी करने के लिए प्राधिकृत कोई पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति, अपने आपको या किसी अन्य व्यक्ति को, जो गिरफ्तारी करने के प्रयोजन से विधिपूर्वक प्रवेश करने के पश्चात् वहां निरुद्ध कर लिया गया है, छुड़ाने के लिए, किसी गृह या स्थान के किसी बाहरी या भीतरी द्वार या खिड़की को तोड़कर खोल सकेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §47(1) यदि गिरफ्तारी के वारंट के अधीन कार्य करने वाले किसी व्यक्ति को, या गिरफ्तार करने का प्राधिकार रखने वाले किसी पुलिस अधिकारी को, यह विश्वास करने का कारण है कि गिरफ्तार किया जाने वाला व्यक्ति किसी स्थान में घुसा है या उसके भीतर है, तो ऐसे स्थान में निवास करने वाला या उसका भारसाधक कोई व्यक्ति, पूर्वोक्त रूप से कार्य करने वाले ऐसे व्यक्ति की या ऐसे पुलिस अधिकारी की मांग पर, उसे उसमें बेरोक-टोक प्रवेश करने देगा और वहां तलाशी लेने के लिए सब उचित सुविधाएं देगा।
(2) यदि उपधारा (1) के अधीन ऐसे स्थान में प्रवेश प्राप्त नहीं किया जा सकता, तो किसी भी दशा में वारंट के अधीन कार्य करने वाले व्यक्ति के लिए, और किसी ऐसी दशा में, जिसमें वारंट जारी तो किया जा सकता है किंतु गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को निकल भागने का अवसर दिए बिना अभिप्राप्त नहीं किया जा सकता, पुलिस अधिकारी के लिए, ऐसे स्थान में प्रवेश करना और वहां तलाशी लेना, तथा ऐसे स्थान में प्रवेश करने के लिए किसी गृह या स्थान के, चाहे वह गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति का हो या किसी अन्य व्यक्ति का, किसी बाहरी या भीतरी द्वार या खिड़की को तोड़कर खोलना विधिपूर्ण होगा, यदि अपने प्राधिकार और प्रयोजनों की अधिसूचना देने और प्रवेश दिए जाने की सम्यक् रूप से की गई मांग के पश्चात् भी वह अन्यथा प्रवेश प्राप्त नहीं कर सकता:
परन्तु यदि ऐसा कोई स्थान ऐसी स्त्री के (जो गिरफ्तार किया जाने वाला व्यक्ति नहीं है) वास्तविक अधिभोग में कोई कक्ष है, जो रूढ़ि के अनुसार सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आती, तो ऐसा व्यक्ति या पुलिस अधिकारी, ऐसे कक्ष में प्रवेश करने से पूर्व, ऐसी स्त्री को सूचना देगा कि वह हट जाने के लिए स्वतंत्र है, और उसे हट जाने के लिए हर उचित सुविधा देगा, और तब वह उस कक्ष को तोड़कर खोल सकेगा और उसमें प्रवेश कर सकेगा।
(3) गिरफ्तारी करने के लिए प्राधिकृत कोई पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति, अपने आपको या किसी अन्य व्यक्ति को, जो गिरफ्तारी करने के प्रयोजन से विधिपूर्वक प्रवेश करने के पश्चात् वहां निरुद्ध कर लिया गया है, छुड़ाने के लिए, किसी गृह या स्थान के किसी बाहरी या भीतरी द्वार या खिड़की को तोड़कर खोल सकेगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।

