पुराना कानून
BNS §345 (3)
संपत्ति चिह्न।
(1) किसी चल संपत्ति के किसी विशेष व्यक्ति से संबंधित होने का संकेत देने के लिए प्रयुक्त चिह्न को संपत्ति चिह्न कहा जाता है।
(2) जो कोई भी किसी चल संपत्ति या माल, या किसी डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र पर, जिसमें चल संपत्ति या माल रखा हो, इस प्रकार चिह्न लगाता है, या किसी ऐसे डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र का उपयोग करता है जिस पर कोई चिह्न लगा हो, इस प्रकार से कि यह विश्वास हो जाए कि चिह्नयुक्त संपत्ति या माल, या ऐसे चिह्नयुक्त किसी पात्र में रखी कोई संपत्ति या माल, किसी ऐसे व्यक्ति की है जिससे वह संबंधित नहीं है, तो उसे झूठा संपत्ति चिह्न लगाना कहा जाता है।
(3) जो कोई भी किसी झूठे संपत्ति चिह्न का उपयोग करता है, जब तक कि वह यह साबित न कर दे कि उसने धोखाधड़ी के इरादे के बिना कार्य किया है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §345 (3)(2) जो कोई भी किसी चल संपत्ति या माल, या किसी डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र पर, जिसमें चल संपत्ति या माल रखा हो, इस प्रकार चिह्न लगाता है, या किसी ऐसे डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र का उपयोग करता है जिस पर कोई चिह्न लगा हो, इस प्रकार से कि यह विश्वास हो जाए कि चिह्नयुक्त संपत्ति या माल, या ऐसे चिह्नयुक्त किसी पात्र में रखी कोई संपत्ति या माल, किसी ऐसे व्यक्ति की है जिससे वह संबंधित नहीं है, तो उसे झूठा संपत्ति चिह्न लगाना कहा जाता है।
(3) जो कोई भी किसी झूठे संपत्ति चिह्न का उपयोग करता है, जब तक कि वह यह साबित न कर दे कि उसने धोखाधड़ी के इरादे के बिना कार्य किया है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
नया कानून
IPC §482
धारा 482 - मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड
मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड
जो कोई किसी मिथ्या सम्पत्ति चिह्न का उपयोग करेगा, जब तक कि वह यह साबित न कर दे कि उसने कपट कने के आशय के बिना कार्य किया है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §482जो कोई किसी मिथ्या सम्पत्ति चिह्न का उपयोग करेगा, जब तक कि वह यह साबित न कर दे कि उसने कपट कने के आशय के बिना कार्य किया है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।

