पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 151 अब IPC धारा 124 है
राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि पर किसी भी वैध शक्ति के प्रयोग को विवश करने या प्रतिबंधित करने के इरादे से हमला करना।
पुराना कानून
BNS §151
राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि पर किसी भी वैध शक्ति के प्रयोग को विवश करने या प्रतिबंधित करने के इरादे से हमला करना।
जो कोई भी भारत के राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल को उनकी किसी भी वैध शक्ति का प्रयोग करने या न करने के लिए प्रेरित या विवश करने के इरादे से, आपराधिक बल प्रयोग या आपराधिक बल प्रदर्शन के माध्यम से ऐसे राष्ट्रपति या राज्यपाल पर हमला करता है, उन्हें गलत तरीके से रोकता है, या गलत तरीके से रोकने का प्रयास करता है, या उन्हें डराता है, या ऐसा करने का प्रयास करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §151नया कानून
IPC §124
धारा 124 - किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करने या उसका प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि पर हमला करना
किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करने या उसका प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि पर हमला करना
जो कोई भारत के राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल को ऐसे राष्ट्रपति या राज्यपाल की विधिपूर्ण शक्तियों में से किसी शक्ति का किसी प्रकार प्रयोग करने के लिए या प्रयोग करने से विरत रहने के लिए उत्प्रेरित करने या विवश करने के आशय से,
ऐसे राष्ट्रपति या राज्यपाल पर हमला करेगा या उसका सदोष अवरोध करेगा, या सदोष अवरोध करने का प्रयत्न करेगा या उसे आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा आतंकित करेगा या ऐसे आतंकित करने का प्रयत्न करेगा,
वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी, दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §124जो कोई भारत के राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल को ऐसे राष्ट्रपति या राज्यपाल की विधिपूर्ण शक्तियों में से किसी शक्ति का किसी प्रकार प्रयोग करने के लिए या प्रयोग करने से विरत रहने के लिए उत्प्रेरित करने या विवश करने के आशय से,
ऐसे राष्ट्रपति या राज्यपाल पर हमला करेगा या उसका सदोष अवरोध करेगा, या सदोष अवरोध करने का प्रयत्न करेगा या उसे आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा आतंकित करेगा या ऐसे आतंकित करने का प्रयत्न करेगा,
वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी, दंडनीय होगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।

