सीआरपीसी → बीएनएसएस

22 प्रविष्टियाँ

  • CRPC §21BNSS §15

    धारा 21. विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट

    विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट।

  • CRPC §26BNSS §21

    धारा 26. वे न्यायालय जिनके द्वारा अपराध विचारणीय हैं

    वे न्यायालय जिनके द्वारा अपराधों का मुकदमा चलाया जा सकता है।

  • CRPC §190BNSS §210

    धारा 190. मजिस्ट्रेटों द्वारा अपराधों का संज्ञान

    मजिस्ट्रेट द्वारा अपराधों का संज्ञान।

  • CRPC §191BNSS §211

    धारा 191. अभियुक्त के आवेदन पर अंतरण

    अभियुक्त के आवेदन पर स्थानांतरण।

  • CRPC §192BNSS §212

    धारा 192. मजिस्ट्रेटों को मामलों का सौंपा जाना

    मामलों को मजिस्ट्रेटों को सौंपना।

  • CRPC §193BNSS §213

    धारा 193. सत्र न्यायालयों द्वारा अपराधों का संज्ञान

    सत्र न्यायालय द्वारा अपराधों का संज्ञान लेना।

  • CRPC §194BNSS §214

    धारा 194. अपर और सहायक सत्र न्यायाधीशों द्वारा उन्हें सौंपे गए मामलों का विचारण

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों को सौंपे गए मामलों की सुनवाई करने के लिए नियुक्त किया गया है।

  • CRPC §195BNSS §215

    लोक सेवकों के वैधानिक अधिकार की अवमानना, सार्वजनिक न्याय के विरुद्ध अपराध और साक्ष्य के रूप में दिए गए दस्तावेजों से संबंधित अपराधों के लिए अभियोजन।

    लोक सेवकों के वैधानिक अधिकार की अवमानना, सार्वजनिक न्याय के विरुद्ध अपराध और साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत दस्तावेजों से संबंधित अपराधों के लिए अभियोजन।

  • CRPC §195ABNSS §216

    धारा 195A. धमकी आदि की दशा में साक्षियों के लिए प्रक्रिया

    धमकी आदि के मामलों में गवाहों के लिए प्रक्रिया।

  • CRPC §196BNSS §217

    धारा 196. राज्य के विरुद्ध अपराधों के लिए और ऐसा अपराध करने के आपराधिक षड्यंत्र के लिए अभियोजन

    राज्य के विरुद्ध अपराधों और ऐसे अपराध करने की आपराधिक साजिश के लिए अभियोजन।

  • CRPC §197BNSS §218

    धारा 197. न्यायाधीशों और लोक सेवकों का अभियोजन

    न्यायाधीशों और लोक सेवकों पर मुकदमा चलाना।

  • CRPC §198BNSS §219

    धारा 198. विवाह के विरुद्ध अपराधों के लिए अभियोजन

    वैवाहिक अपराधों के लिए अभियोजन।

  • CRPC §210BNSS §233

    धारा 210. जब उसी अपराध के संबंध में परिवाद-मामला और पुलिस अन्वेषण दोनों हों तब अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया

    किसी अपराध के संबंध में शिकायत का मामला और पुलिस जांच होने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया।

  • CRPC §211BNSS §234

    धारा 211. आरोप की अंतर्वस्तु

    आरोप की सामग्री।

  • CRPC §212BNSS §235

    धारा 212. समय, स्थान और व्यक्ति के बारे में विशिष्टियां

    समय, स्थान और व्यक्ति से संबंधित विवरण।

  • CRPC §213BNSS §236

    धारा 213. अपराध किए जाने की रीति कब कथित की जानी चाहिए

    अपराध करने का तरीका कब बताना आवश्यक है?

  • CRPC §214BNSS §237

    धारा 214. आरोप में शब्दों का वह अर्थ लिया जाना जो उस विधि में है जिसके अधीन अपराध दंडनीय है

    यहां 'आरोप' शब्द का प्रयोग उस कानूनी अर्थ में किया गया है जिसके तहत अपराध दंडनीय है।

  • CRPC §215BNSS §238

    धारा 215. गलतियों का प्रभाव

    त्रुटियों का प्रभाव।

  • CRPC §216BNSS §239

    धारा 216. न्यायालय आरोप परिवर्तित कर सकेगा

    न्यायालय आरोप में बदलाव कर सकता है।

  • CRPC §217BNSS §240

    धारा 217. आरोप परिवर्तित किए जाने पर साक्षियों का पुनः बुलाया जाना

    आरोप में परिवर्तन होने पर गवाहों को पुनः बुलाना।

  • CRPC §218BNSS §241

    धारा 218. पृथक् अपराधों के लिए पृथक् आरोप

    अलग-अलग अपराधों के लिए अलग-अलग आरोप।

  • CRPC §219BNSS §242

    धारा 219. वर्ष के भीतर किए गए एक ही किस्म के तीन अपराधों का आरोप एक साथ लगाया जा सकेगा

    एक ही वर्ष में एक ही प्रकार के अपराधों के लिए एक साथ आरोप लगाए जा सकते हैं।