बीएनएसएस → सीआरपीसी
2 प्रविष्टियाँ
जब आरोपी को बरी कर दिया जाएगा।
(1) यदि धारा 267 में निर्दिष्ट सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद, मजिस्ट्रेट, दर्ज किए जाने वाले कारणों से, यह मानता है कि अभियुक्त के विरुद्ध कोई मामला नहीं बनता है, जो कि खंडन न होने पर उसकी दोषसिद्धि को उचित ठहराएगा, तो मजिस्ट्रेट उसे बरी कर देगा। (2) इस धारा में ऐसा कुछ भी नहीं माना जाएगा जिससे मजिस्ट्रेट को…
पूरा पढ़ेंधारा 245. अभियुक्त कब उन्मोचित किया जाएगा
245. अभियुक्त कब उन्मोचित किया जाएगा (1) यदि धारा 244 में निर्दिष्ट सब साक्ष्य ले लेने पर मजिस्ट्रेट, ऐसे कारणों से जो अभिलिखित किए जाएंगे, यह समझता है कि अभियुक्त के विरुद्ध ऐसा कोई मामला नहीं बनाया गया है, जो यदि उसका खंडन न किया जाए तो उसकी दोषसिद्धि को न्यायानुमत ठहराएगा, तो मजिस्ट्रेट उसे उन्मोचित कर देगा। (2) इस…
पूरा पढ़ेंधारा 302 के संचालन से कुछ व्यक्तियों को बाहर करने की राज्य सरकार या केंद्र सरकार की शक्ति।
(1) राज्य सरकार या केंद्र सरकार, जैसा भी मामला हो, उपधारा (2) में निर्दिष्ट मामलों को ध्यान में रखते हुए, किसी भी समय सामान्य या विशेष आदेश द्वारा यह निर्देश दे सकती है कि किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्ग को उस कारागार से नहीं हटाया जाएगा जिसमें वे बंद या हिरासत में हैं, और इसके बाद, जब तक यह आदेश लागू रहता है, धारा…
पूरा पढ़ेंधारा 268. कतिपय व्यक्तियों को धारा 267 के प्रवर्तन से अपवर्जित करने की राज्य सरकार की शक्ति
268. कतिपय व्यक्तियों को धारा 267 के प्रवर्तन से अपवर्जित करने की राज्य सरकार की शक्ति (1) राज्य सरकार, उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट बातों को ध्यान में रखते हुए, किसी भी समय, साधारण या विशेष आदेश द्वारा, यह निदेश दे सकेगी कि किसी व्यक्ति को या व्यक्तियों के किसी वर्ग को उस कारागार से, जिसमें वह या वे परिरुद्ध या निरुद्ध…
पूरा पढ़ें- BNSS §268CRPC §245
जब आरोपी को बरी कर दिया जाएगा।
धारा 245. अभियुक्त कब उन्मोचित किया जाएगा
- BNSS §303CRPC §268बदलाव हुआ
धारा 302 के संचालन से कुछ व्यक्तियों को बाहर करने की राज्य सरकार या केंद्र सरकार की शक्ति।
धारा 268. कतिपय व्यक्तियों को धारा 267 के प्रवर्तन से अपवर्जित करने की राज्य सरकार की शक्ति

